डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से संबद्ध कॉलेजों में एमबीए और एमसीए के कोर्स में इस बार करीब 60 फीसदी सीटें खाली रहेंगी। इंजीनियरिंग और प्रबंधन कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली राज्य प्रवेश परीक्षा (यूपीएसईई) में एमबीए और एमसीए में 45 हजार सीटों पर 15571 हजार आवेदन आए हैं।
यूपीएसईई के फॉर्म भरने की अंतिम तिथि सोमवार को खत्म हो गई। इसी के साथ नए सत्र में दाखिले शुरू होने से पहले ही एमबीए की करीब 60 प्रतिशत सीटें खाली रहेंगी। एमसीए की भी हालत खस्ता दिख रही है।
आवेदकों की कम संख्या के कारण कई बार प्रवेश फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाई गई। एमबीए की प्रदेश भर के कॉलेजों में करीब 40 हजार सीटें हैं। वहीं, एमसीए की करीब पांच हजार सीटें हैं।
कॉलेजों में इन सीटों की तुलना में 15,571 हजार छात्र-छात्राओं ने ही पंजीकरण कराया है। जानकारों के मुताबिक निजी कॉलेजों में शिक्षा के लगातार गिरते स्तर के कारण छात्र यहां प्रवेश नहीं लेना चाहते हैं। कॉलेजों में अधिकांश प्रवेश सिर्फ छात्रवृत्ति के लिए कराए जाते रहे हैं।