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गुंडागर्दी के खिलाफ जीरो टोलरेंस, आइसा और सीवाईएसएस ने जारी किया संयुक्त घोषणा पत्र

Sun, 02 Sep 2018 11:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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आइसा और सीवाईएसएस का संयुक्त घोषणा पत्र - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (डूसू 2018) को फतह करने के लिए आप के छात्र संगठन सीवाईएसएस व वामपंथी संगठन आइसा ने गुंडागर्दी के खिलाफ जीरो टोलरेंस को अपना हथियार बनाया है। आइसा व सीवाईएसएस ने शनिवार को जारी संयुक्त घोषणा पत्र में गुंडागर्दी को अहम मुद्दे के रुप में शामिल किया है। 
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आप की पूर्वी दिल्ली लोकसभा प्रभारी आतिशी की ओर से जारी किए गए घोषणा पत्र में महिला सुरक्षा, शिक्षा प्रणाली का निजीकरण, गुंडागर्दी व पैसों केबल पर की जा रही छात्र राजनीति, होस्टल, नए कॉलेज खुलवाना, एसी बसों में बस पास उपलब्ध करवाना, यू स्पेशल, वूमेन स्पेशल बस शुरू करवाना जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है। 

घोषण पत्र जारी करते हुए सीवाईएसएस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुमित यादव, जनरल सेक्रेटरी हरिओम प्रभाकर, आइसा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कंवलप्रीत कौर, राष्ट्रीय अध्यक्ष सुचिता डे मौजूद थी।  
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सीवाईएसएस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुमित यादव ने कहा कि जिस तरह से हमारे एक साथी पर कल हमला हुआ, वैसी घटनाएं कैंपस में अक्सर देखने को मिलती हैं। 
 

इसलिए घोषणा पत्र में गुंडागर्दी के खिलाफ जीरो टोलरेंस का मुद्दा रखा है। इसके लिए पुलिस बूथ और सीसीटीवी कैमरा की व्यवस्था करने की भी मांग है। साथ ही कैंपस में सकारात्मक राजनीति अभियान चलाया जाएगा। दिव्यांग छात्रों के लिए तकनीकी सुविधाओं की मांग रखेंगे। 

दिल्ली में मोहल्ला क्लिनिक की तर्ज पर ही कॉलेजों में भी ऐसे क्लिनिक बनाने की मांग दिल्ली सरकार से की जाएगी।  दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कवलप्रीत कौर ने कहा कि एनएसयूआई व एबीवीपी के लोग कैंपस में गुंडागर्दी करते हैं, कैंपस में ऐसी घटनाएं आम हैं।

 इन सभी तरह की अमानवीय घटनाओं के खिलाफ ही यह गठबंधन है। आइसा व सीवाईएसएस का गठबंधन कैंपस में छात्रों को पढ़ाई का माहौल देगा।  
 
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घोषणा पत्र की मुख्य बातें 

1 .उच्च शिक्षा में बाजारीकरण के चलते निजीकरण और स्वायत्तता के खिलाफ संघर्ष करते रहेंगे।  
2. कैंपस में महिलाओं की आजादी और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की विशाखा जजमेंट के तहत हर कॉलेज में एक स्वायत्त जेंडर सेंसेटाईजेशन कमेठी का गठन करवाना।  
3.बेहतरीन सुविधाओं से लैस कॉलेज कूल कैंटीन की सुविधा करवाना। 
4. सभी कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति के लिए संघर्ष करना। 
5.सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालय परिसरों में सैनिटरी पेड वेंडिंग मशीन की व्यवस्था करवाना। 
6. युवाओं में सकारात्मक सोच व सकारात्मक राष्ट्रवाद की भावना को जगाना।  
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