दिल्ली विश्वविद्यालय में जून से शुरु हुई दाखिले की दौड़ सामान्य श्रेणी के लिए तो लगभग समाप्त हो गई है। सातवीं कट ऑफ लिस्ट के दाखिले शुक्रवार को खत्म हो गए हैं। खासकर सामान्य छात्रों केलिए रेगुलर कॉलेजों में दाखिले का यह आखिरी मौका था।
सामान्य श्रेणी की सीटें शेष तो नहीं रही इसका विश्लेषण करने के बाद ही यह तय होगा कि बची सीटों पर दाखिले कैसे होंगे। वहीं आरक्षित श्रेणियों की सीटें भरने के लिए 31 जुलाई से स्पेशल ड्राइव शुरु होगा जो कि 5 अगस्त तक जारी रहेगा।
डीयू की सातवीं कट ऑफ लिस्ट के दाखिले शुक्रवार को खत्म हो गए। साथ ही डीयू के रेगुलर कॉलेजों की दाखिला प्रक्रिया भी बंद हो गई है। शुक्रवार को दाखिले का आखिरी दिन होने के चलते डीयू के सभी कॉलेजों में छात्रों का तांता लगा रहा।
मॉर्निंग हो या ईवनिंग कॉलेज, कैंपस हो या आउट ऑफ कैंपस कॉलेज, सभी में दाखिला लेने के लिए छात्रों की मारामारी देखने को मिली। अंतिम दिन में किसी तरह से दाखिला लेने से चूक ना जाए, इसका प्रयास करते रहे।
वहीं कुछ ऐसे छात्र भी रहे जो दाखिला समय खत्म होने के बाद दाखिला लेने पहुंचे। ऐसे में वह दाखिले से वंचित हो गए। दाखिले के आखिरी दिन बहुत से ऐसे छात्र भी कॉलेजों में दाखिला लेने पहुंचे जिन्होंने कॉलेजों में आवेदन ही नहीं किया था।
डीयू अधिकारियों की मानें तो अभी यह कहना मुश्किल है कि सामान्य के लिए दाखिले की कोई गुजाइंश होगी या नहीं। यदि कॉलेजों में सामान्य की सीटें खाली रह गई होगी तो यह सोचा जाएगा कि उन्हें किस तरह से भरना है। इसकेसंबंध में जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
आरक्षित श्रेणियों केपास दाखिले का चांस अभी है। प्रशासन 31 जुलाई से 5 अगस्त तक एक स्पेशल ड्राइव शुरु करने जा रहा है। इसमें केवल आरक्षित श्रेणी वाले छात्रों के दाखिले होंगे। बताया जा रहा है कि ओबीसी, एससी, एसटी, श्रेणी में तो कम ही सीटें खाली हैं लेकिन दिक्कत कश्मीरी विस्थापित व पीडब्लयूडी(पर्सन विद डिसेबिलिटी) की सीटों को लेकर है। इन दोनों श्रेणियों के लिए कम छात्र मिल रहे हैं।
एनसीवेब की आखिरी कट ऑफ 1 अगस्त को आएगी
डीयू में जहां रेगुलर में सामान्य के लिए दाखिले की दौड़ समाप्त हो गई वहीं एनसीवेब में लड़कियों केलिए दाखिले की रेस जारी है। एनसीवेब में शुक्रवार को छठी कट ऑफ लिस्ट केदाखिले समाप्त हो गए। अब 1 अगस्त को सातवीं कट ऑफ जारी की जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि आखिरी कट ऑफ तक एनसीवेब की सीटें भर जाएंगी।