दिल्ली विश्वविद्यालय में चौथी कटऑफ लिस्ट के दाखिले शनिवार को समाप्त हो गए। इसके बाद लगभग सभी कॉलेजों की सीटें सामान्य श्रेणी के लिए भरी जा चुकी हैं। लेकिन नाम वापस लेने (दाखिला रद) के चलते कुछेक जगह एक-दो कोर्सों में दो-दो चार-चार सीटों पर विकल्प खुले भी हैं। हालांकि कुछ जगहों पर आरक्षित वर्ग की सीटें जरूर खाली हैं।
किरोड़ीमल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ दिनेश खट्टर कहते हैं कि पांचवी लिस्ट में सामान्य के लिए दाखिले का मौका नहीं है। लेकिन अगर सामान्य की सीट पर कोई दाखिला रद्द कराता है तो चांस मिल सकता है। लिहाजा पांचवीं लिस्ट में छात्रों को जहां और जिस कोर्स में मौका मिले दाखिला ले लें। अब दाखिला रद्द कराने का रिस्क बिल्कुल ना लें। वहीं आरक्षित श्रेणी के दाखिलों की गुंजाइश रहेगी।
अंबेडकर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ जी. के अरोड़ा के मुताबिक अब तक कुल 1100 सीटों के लिए लगभग 700 दाखिले हो चुके हैं। सभी कटऑफ मिलाकर 100 दाखिले रद्द भी हुए हैं। अब पांचवीं कटऑफ में तो सामान्य के लिए बेहद कम चांस है। एक दो कोर्सेज में ही दाखिले खुले रह सकते हैं। जबकि आरक्षित श्रेणी के लिए अभी दाखिले का अवसर बरकरार है।
आर्यभट्ट कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मनोज सिन्हा ने बताया कि उनके यहां सामान्य श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए ज्यादातर सीटें भर गई हैं। कुछ-एक बीए प्रोग्राम और एक से दो सीटें अन्य कोर्स के लिए बची हैं। प्रिंसिपल की सलाह है कि 18 जुलाई को जारी होने वाली पांचवीं कट ऑफ लिस्ट में यदि नंबर आ जाए तो विद्यार्थियों को तुरंत दाखिला लेना चाहिए, दाखिला रद्द कराने की ना सोचें। वहीं यदि रेगुलर कॉलेज में पढ़ने की इच्छा न हो तो स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में दाखिला ले सकते हैं। यहां अभी दाखिला प्रक्रिया जारी रहेगी।