दिल्ली विवि छात्र संघ चुनाव का बिगुल बजते ही छात्र संगठनों ने अपनी उपलब्धियों का बखान और दूसरे संगठनों की कमियों को गिनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को एबीवीपी ने बीते सालों के कार्यों का ब्योरा देते हुए उपलब्धियां गिनाई। वहीं लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए चुनाव में ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की। नामांकन के बाद प्रचार के लिए महज दो दिन मिलने से भी एबीवीपी खासी नाराज है।
एबीवीपी ने शनिवार को एक प्रेस कॉफ्रेंस आयोजित की। इस मौके पर एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक व दिल्ली प्रदेश मंत्री भरत खटाना ने कहा कि छात्र हित में प्रिंटेंड मार्कशीट दोबारा शुरू करवाना, ऑनलाइन टेस्ट खत्म करवाना, पांच कॉलेजों में हॉस्टल शुरू करवाना हमारी उपलब्धि रही।
जब भी छात्र हित से जुड़ा कोई मामला आगे आया उसमें डूसू पदाधिकारी व एबीवीपी ने ही आवाज उठाई। रामजस में हिंसा मामले में कैंपस में तिरंगा मार्च निकाला। साकेत ने कहा कि डूसू चुनाव अब केवल डीयू संबंधित मुद्दों पर नहीं लड़ा जाता अब राष्ट्रीय मुद्दे भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।
वोट डालने जरूर आएं छात्र
एबीवीपी ने छात्रों से आह्वान किया है कि वह चुनाव में वोट डालने जरूर आएं। साकेत बहुगुणा ने कहा कि इसके लिए छात्रों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। छात्रों को भी यह समझना चाहिए कि जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए जरूरी है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनें। बीते सालों के डूसू मतदान पर नजर डालें तो वह 40-45 फीसदी के बीच ही रहता है।
नामांकन के बाद प्रचार का समय कम
डूसू चुनाव इस साल मंगलवार को हो रहा है। अब तक यह चुनाव शुक्रवार को होता आया है। चुनाव में नामांकन के लिए सोमवार को अंतिम तारीख है। वहीं बुधवार (6 सितंबर) तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। ऐसे में एबीवीपी का मानना है कि नामांकन के बाद प्रत्याशियों को प्रचार के लिए कम समय मिल रहा है। एक तरह से उम्मीदवार 7 व 8 सितंबर को ही प्रचार कर पाएंगे। 9 सितंबर को शनिवार होने के कारण कई कॉलेजों में अवकाश होगा, तो 10 सितंबर को रविवार। 11 सितंबर को नो कैंपेन डे रहेगा और 12 सितंबर को चुनाव है। ऐसे में सभी 51 कॉलेजों तक पहुंच कर छात्रों से संपर्क साधना मुश्किल होगा।
कैंपस के अलावा अन्य इलाकों में डेमोक्रेसी वॉल मिले
डूसू चुनाव के कारण राजधानी के विभिन्न इलाकों की दीवारें, फ्लाईओवर पोस्टरों से पटे पड़े हैं। इन्हें हटाने के लिए डूसू चुनाव अधिकारी ने 36 घंटे का समय दिया है। जगह-जगह पोस्टर लगाने पर एबीवीपी का कहना है कि कैंपस में सिर्फ डेमोक्रेसी वॉल दी गई है जो काफी कम है। 51 कॉलेज दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हैं और डेमोक्रेसी वॉल साउथ व नॉर्थ कैंपस में दी गई हैं। ऐसे में ऐसी वॉल अन्य इलाकों में भी मिलनी चाहिए जिससे कि वहां पोस्टर लगाए जा सकें।