उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली सरकार छोटे व कम फीस वाले बजट स्कूलों के लिए परेशानी बनने वाले सभी फैसले वापस लेने को तैयार है। उन्होंने कहा कि समाज में गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के क्षेत्र में बजट स्कूलों का अहम योगदान है।
उपमुख्यमंत्री सेंटर फॉर सिविल सोसायटी की ओर से हस्तसाल में आयोजित संधि समारोह में बोल रहे थे। यह आयोजन ओलंपियाड के विजेता छात्रों व उनके स्कूलों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था। इस दौरान 31 स्कूलों और उनके विजेताओं को सम्मानित किया गया।
सिसोदिया ने कहा कि शिक्षा प्रसार में छोटे व कम फीस वाले निजी स्कूलों का योगदान बहुत अहम है। फीस ज्यादा वसूलने की शिकायतें सिर्फ एलीट स्कूलों की आती हैं। इसलिए वह सरकार की ओर से ऐसे स्कूलों को हरसंभव मदद करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनका राजनीति में आने का मूल उद्देश्य भ्रष्टाचार मुक्त भारत है।
इस मौके पर सेंटर फॉर सिविल सोसायटी के प्रेसिडेंट डा. पार्थ जे. शाह ने सरकार के मोहल्ला सभा व मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर मोहल्ला शिक्षा सभा गठित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह अलग-अलग मोहल्ले की समस्या अलग होती है उसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में सबकी अलग-अलग समस्याएं है। यह समस्या मोहल्ला शिक्षा सभा से ही दूर किया जा सकता है।