हाईकोर्ट के संयुक्त मेरिट लिस्ट बनाने के आदेश के बाद सरकार ने प्रदेश के 1259 जेबीटी को बर्खास्त करने के निर्देश दे दिए हैं। बृहस्पतिवार को जिले में नियुक्ति पा चुके 97 जेबीटी को नोटिस थमा दिए गए। नोटिस में आपत्ति दर्ज कराने के लिए नौ जून का तक का समय दिया है।
नोटिस देख जेबीटी शिक्षक हताश हो गए। एक महिला जेबीटी ने कहा कि इस नए फरमान के बाद उनका रोने का मन कर रहा है। लेकिन इस बात से डर लगता है कि इससे उनके अन्य साथियों के हौंसले टूट जाएंगे। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र देकर नौकरी वे नहीं छोडने वाले हैं। नोटिस का जवाब भी दिया जाएगा और नौकरी पाने के लिए संघर्ष भी किया जाएगा।
नोटिस हाथों में थामे कृष्णपाल ने बताया कि जब उनको नियुक्ति पत्र मिला तो उन्होंने इसको सोशल मीडिया पर भी अपडेट कर दिया था। सभी रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने बधाइयां दी, मिठाइयां बांटी गई। अब उनको ये नोटिस थमा दिए हैं। कोई बता सकता है कि उनका दोष क्या है।
यही कि उन्होंने जेबीटी बनने का सपना देखा। उनका कहना था कि जेबीटी के साथ जो अब सरकार कर रही है इसके बाद कोई जेबीटी नहीं बनना चाहेगा। ये ऐसा पहला मामला होगा जहां जेबीटी को नियुक्त पत्र देने के बाद उनसे नौकरी छिनी जा रही है।
रणनीति बना रहे है, कोर्ट जाएंगे
नौकरी गंवाने वालों के साथ धरने पर बैठे जेबीटी रणधीर, कविता, राजबाला ने कहा कि जेबीटी संघर्ष समिति की आगे की रणनीति तैयार करने के लिए बैठकें चल रही हैं। जल्द ही फैसला हो जाएगा। नोटिस का जवाब सभी जेबीटी एक साथ देंगे। फरमान के विरोध में न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाना तय है।
संयुक्त मेरिट लिस्ट के बाद प्रभावित नवचयनित जेबीटी अध्यापकों की सेवाएं समाप्त की जा रही है। ऐसे सभी शिक्षकों को नोटिस दे दिए गए है। 9 जून तक वे आपत्ति जता सकते है।
-सतेंद्र वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी