फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश की राजधानी में छठी के 74 फीसदी छात्र नहीं पढ़ पाते हिंदी

Wed, 10 Aug 2016 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : Getty
विज्ञापन
राजधानी के सरकारी स्कूलों में दिल्ली सरकार के चुनौती 2018 में पढ़ने-लिखने के आधारभूत आकलन परीक्षा में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। छठी के दो लाख छात्रों के आकलन में सामने आया है कि हिंदी, गणित और अंग्रेजी को मिलाकर 54 फीसदी छात्र ही कुछ पढ़ लिख पाते हैं, बाकी 46 फीसदी छात्रों को अतिरिक्त मेहनत कराने की जरूरत है।
विज्ञापन


यही वजह है कि छात्रों को निष्ठा और प्रतिभा समूह में बांटकर पढ़ाई कराई जा रही है। दिल्ली सरकार के अनुसार, छठी कक्षा के 2,01,997 छात्रों के चुनौती 2018 में आंकलन परिणामों में 74 फीसदी छात्र हिंदी की किताब का एक पैराग्राफ भी ठीक से नहीं पढ़ पाते।

गणित में 67 फीसदी छात्र को भाग करना नहीं आता तो 44 फीसदी घटाव भी नहीं जानते। 75 फीसदी छात्र ऐसे पाए गए जिनकी अंग्रेजी पढ़ने की क्षमता दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों से भी कम थी।
विज्ञापन

गणित में पांच फिसदी छात्र नहीं कर पाए अंकों की पहचान

- फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट के अनुसार, 8 फीसदी छात्र हिंदी के कखगघ को नहीं पहचानते तो 13 फीसदी छात्र एबीसीडी नहीं पढ़ पाते। गणित में पांच फीसदी छात्र अंकों की पहचान भी नहीं कर पाए हैं।

7वीं-9वीं तक छात्रों के आंकलन की रिपोर्ट अभी तक तैयार नहीं हुई जो इस महीने के अंत तक आने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार का कहना है कि छठी कक्षा में आने वाले छात्रों में 90 फीसदी एमसीडी या बजट प्राइवेट स्कूल से हैं।

लेकिन सरकार इनकी पढ़ने और लिखने की क्षमता बढ़ाने की जिम्मेदारी उठा रही है। छात्रों को दो समूह में बांटा गया है। निष्ठा समूह के छात्र लिखना, पढ़ना और अंकों की पहचान की पढ़ाई पहले कर रहे हैं तो प्रतिभा समूह के छात्र अपनी कक्षा के हिसाब से आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। निष्ठा के छात्र अपना स्तर प्राप्त करने के बाद प्रतिभा समूह में आ जाएंगे।
विज्ञापन

फैक्ट फाइल :

- फोटो : demo pic
हिंदी
-74 फीसदी छात्र अपनी हिंदी की किताब का पैराग्राफ नहीं पढ़ पाते तो 46 फीसदी छात्र दूसरी कक्षा की सरल कहानी नहीं पढ़ पाए। आठ फीसदी को कखगघ की पहचान नहीं।
गणित
-67 फीसदी छात्र तीन अंक से एक अंक का भाग नहीं कर पाए तो 44 फीसदी छात्रों को दो अंकों का घटाव नही आता ओर पांच फीसदी छात्रों को अंकों की पहचान नहीं
अंग्रेजी
-75 फीसदी छात्र दूसरी कक्षा में ही हासिल होने वाली योग्यता के हिसाब से अंग्रेजी की सरल कहानी नहीं पढ़ पाते तो 13 फीसदी छात्रों को एबीसीडी की पहचान नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें