जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों के छात्रों को एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में दाखिला नहीं मिलेगा। जेएनयू बीए ऑनर्स और एमए प्रोग्राम तक ही 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस के तहत अतिरिक्त सीटों पर दाखिला करेगा।
जेएनयू प्रबंधन के मुताबिक, एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में यूजीसी नियमों के तहत एक शिक्षक तय छात्रों को ही अपने अधीनस्थ गाइड के रूप में रख सकता है। जेएनयू में एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में शिक्षकों के पास तय सीटों के तहत पहले ही छात्र पूरे हैं।
ऐसे में 2019 में 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस कोटा लागू नहीं हो पाएगा। क्योंकि जो सीट खाली हैं, वे सामान्य दाखिले के तहत आरक्षित हैं। इसमें सामान्य, एससी, एसटी, ओबीसी व अन्य आरक्षित वर्ग हैं।