जम्मू में निजी (गैर सहायता प्राप्त) कॉलेजों की एकेडमिक परफार्मेंस की निगरानी की जाएगी। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने कमेटियों के गठन को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा यह कमेटियां पिछले पांच सालों में स्थापित हुए कालेजों का दौरा भी करेंगी। इन्हीं की रिपोर्ट के आधार पर रिन्यूअल को मंजूरी दी जाएगी। कमेटियों को अपनी रिपोर्ट इस माह के अंत तक सौंपनी है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख तीनों संभागों के लिए अलग कमेटियां गठित की गई हैं।
जम्मू संभाग में चार कमेटियां बनाई गई हैं। जो कमेटी जम्मू, सांबा और कठुआ का निरीक्षण करेगी उसमें जीसीई जम्मू की प्रिंसिपल संगीता नागरी, जीडीसी पलोड़ा की प्रिंसिपल आशा गुप्ता और एक विषय विशेषज्ञ को शामिल किया गया है। पुंछ और राजोरी का जिम्मा जिस कमेटी को सौंपा गया है, उसमें शकीद अहमद रैना प्रिंसिपल जीडीसी थानामंडी, मुशर्रफ हुसैन शाह प्रिंसिपल जीडीसी सूरनकोट और एक विशेष विशेषज्ञ शामिल हैं।
उधमपुर, डोडा, रियासी, रामबन और किश्तवाड़ के लिए बनाई गई कमेटी में प्रिंसिपल जीडीसी, उधमपुर नूतन के रसोत्रा, प्रिंसिपल डब्ल्यूसी उधमपुर सुरेश कुमार और एक विशेष को रखा गया है। वहीं केवल इंजीनियरिंग कालेज का निरीक्षण करने वाली कमेटी में प्रिंसिपल जीसीईटी जम्मू सुमेरू शर्मा, एमएम कालेज, जम्मू के प्रिंसिपल पीके शर्मा और जीसीईटी के दो विषय विशेषज्ञ शामिल हैं।
सीनियर मोस्ट प्रिंसिपल कमेटी का चेयरमैन होगा। विभाग के अंडर सेक्रेट्री फिरोज अहमद मीर के अनुसार इंजीनियरिंग कालेजों की स्थिति में प्रिंसिपल जीसीईटी, श्रीनगर/जम्मू, बीएड कालेजों की स्थिति में प्रिंसिपल कालेज आफ एजुकेशन श्रीनगर/जम्मू, जबकि अन्य कालेजों की स्थिति में कमेटी का वरिष्ठतम सदस्य विषय विशेषज्ञों को कमेटी में नामित करेगा।