फरीदाबाद से पद्मश्री अवार्ड के लिए नामित शहर के समाजसेवी व फेडरेशन ऑफ लेप्रोसी आर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष डॉ. ब्रह्मदत्त ने कहा कि अब कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं रहा है।
ऐसे में उनके पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि वे लोग भी समाज की मुख्य धारा से जुड़कर बेहतर जीवन जी सकें।
डॉ. दत्त बुधवार को सेक्टर 15ए स्थित जिमखाना क्लब में बताया कि देश में कुष्ठ पीड़ितों की संख्या बहुत है। लेकिन आज तक सरकार की ओर से उनके रोजगार और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में सरकार को इंडियन लैप्रोसी एक्ट बनाकर उन्हें संरक्षण प्रदान करना चाहिए। इस मौके पर सूचना अधिकार कार्यकर्ता रवींद्र चावला भी मौजूद थे।
देश में 40 लाख लोग हैं कुष्ठरोग से पीड़ित
डॉ. ब्रह्म दत्त ने बताया कि पूरे देश में करीब 40 लाख लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं। इनमें गंभीर रोगियों की संख्या 15 लाख के करीब है। अकेले हरियाणा में रोगियों की संख्या 3 हजार है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि देश में बिहार और उड़ीसा कुष्ठ रोगियों के मामले में पहले व दूसरे पायदान पर हैं। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़, झारखंड व मध्य प्रदेश में भी कुष्ठरोगियों की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अब कुष्ठ रोगियों के लिए मुफ्त मकान और रोजगार के लिए संघर्ष करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है।