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जेएनयू हिंसाः कॉल डिटेल से लगेगा आरोपियों का पता

Wed, 08 Jan 2020 05:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
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JNU violence - फोटो : अमर उजाला
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अपराध शाखा मोबाइल की कॉल डिटेल निकालकर हिंसा के समय जेएनयू कैंपस में मौजूद बाहरी लोगों का पता लगाएगी। जेएनयू में लगे सीसीटीवी काम नहीं कर रहे थे। अपराध शाखा की शुरुआती जांच में पता चला है कि उस समय कैंपस में 250 से ज्यादा बाहरी लोग मौजूद थे। 

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सुरक्षा गार्डों के बयान में बाहरी लोगों के कैंपस के अंदर होने की बात सामने आई है। पुलिस पता कर रही है कि बाहरी लोग कैंपस के अंदर कैसे और किस गेट गए थे। 

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि व्हाट्स ऐप ग्रुप पर चैटिंग के कुछ स्क्रीन शॉट चल रहे हैं। इन स्क्रीन पर काफी नंबर दिखाई दे रहे हैं। इनकी कॉल डिटेल व लोकेशन मंगाई जाएगी। 
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लोकेशन से पता लगेगा कि वे जेएनयू में थे या नहीं। अगर वह बाहरी लोग हैं तो जेएनयू में क्या कर रहे थे। इसके बाद उनसे पूछताछ की जाएगी। सर्वर को खराब कर दिए जाने के कारण जेएनयू में सभी गेटों पर सीसीटीवी काम नहीं कर रहे थे। 

ऐसे में सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों का पता करना बहुत मुश्किल है। एक अधिकारी के मुताबिक, कुछ सुरक्षा गार्डों से अनौपचारिक बात की गई है। पूछताछ में पता लगा है कि जेएनयू में मौजूद बाहरी लोग कई गेटों से अंदर गए थे। पुलिस अब जांच कर रही है कि क्या इनकी रजिस्टर में एंट्री हुई थी। 

इसके लिए जेएनयू सिक्योरिटी को गेटों के रजिस्टर देने के लिए कहा गया है। दक्षिण-पूर्व जिले के एक अधिकारी ने बताया कि जेएनयू में सिक्योरिटी कुछ महीने पहले बदली गई है। प्रवेश के लिए सिर्फ वाहन का नंबर नोट किया जाता था। ऐसे में प्रवेश करना आसान था। 

सबूत मिलने पर होगी पिंकी से पूछताछ
अपराध शाखा ने कहा है कि जेएनयू हिंसा की जिम्मेदारी लेने वाले हिंदू रक्षा दल प्रमुख पिंकी चौधरी से पूछताछ तभी की जाएगी, जब उनके खिलाफ सबूत मिलेंगे। अभी उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। उनके बयान की जांच की जा रही है। 

हिंदू रक्षा दल के प्रमुख पिंकी चौधरी ने एक बयान जारी कर कहा था कि जेएनयू राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का केंद्र है। हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। दल जेएनयू में हमले की जिम्मेदारी लेता है। हिंसा करने वाले दल के कार्यकर्ता थे।

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