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दिल्ली जल संकट: हिमाचल पानी देने को तैयार, बीच में रोड़ा बन रहा हरियाणा; दिल्ली सरकार ने PM मोदी को लिखा पत्र

Mon, 24 Jun 2024 07:33 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। हिमाचल अतिरिक्त पानी दिल्ली को देने को तैयार है, जो यमुना में हरियाणा से दिल्ली आएगा। मगर हरियाणा वो पानी भी देने से इनकार कर रहा है।
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कैबिनेट मंत्री गोपाल राय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पानी की मांग को लेकर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। साथ ही उपराज्यपाल वीके सक्सेना से वजीराबाद बैराज का संयुक्त दौरा करने की अपील की है। इससे पहले मंत्रियों ने भोगल में चल रहे जलमंत्री आतिशी के अनिश्चितकालीन अनशन स्थल पर बैठक की। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने और उपराज्यपाल के साथ वजीराबाद का संयुक्त दौरा करने का निर्णय लिया है।

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प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि दिल्ली में इस वर्ष भयंकर गर्मी के चलते पानी का एक बहुत बड़ा संकट पैदा हो गया है। इसकी वजह से दिल्लीवाले बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। तपती गर्मी में दिल्लीवालों की पानी की जरूरत भी बढ़ गई है। दिल्ली को अतिरिक्त पानी की आवश्यकता है। दिल्ली पानी के लिए पूरी तरह से हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर निर्भर है। इसमें कहा है कि दुर्भाग्य की बात यह है कि दिल्लीवालों को अधिक मात्रा में पानी मिलना तो दूर, आवंटित पानी भी हरियाणा से नहीं मिल पा रहा है।

हिमाचल पानी देने को तैयार लेकिन हरियाणा बन रहा रोड़ा

इसमें बताया है कि दिल्ली में कुल पानी की सप्लाई 1005 एमजीडी है। इसमें में एक बड़ा हिस्सा 613 एमजीडी पानी हरियाणा से आता है। कई दिनों से दिल्ली को 100 एमजीडी पानी कम मिल रहा है। इससे 28 लाख लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। इसमें कहा है कि दिल्ली सरकार ने पानी की कमी को दूर करने के लिए हर संभव कोशिश कर ली है। हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, केंद्रीय जलमंत्री से मिलने की कोशिश की। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से पानी की गुहार लगाई। हिमाचल अतिरिक्त पानी दिल्ली को देने को तैयार है, जो यमुना में हरियाणा से दिल्ली आएगा। मगर हरियाणा वो पानी भी देने से इनकार कर रहा है।

दिल्ली के सभी मंत्रियों की बैठक बुलाई गई

उधर, कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सभी मंत्रियों ने प्रधानमंत्री को पत्र भेज कर जल संकट मामले को देखने के लिए निवेदन किया है। इससे पहले रविवार को आप नेताओं ने उपराज्यपाल से मुलाकात की थी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली को 100 एमजीडी कम पानी देने की वजह से वजीराबाद में यमुना सूख चुकी है। आतिशी के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट को देखते हुए अनशन स्थल पर दिल्ली के सभी मंत्रियों की बैठक बुलाई गई थी। 

बाढ़ आने पर हरियाणा हथिनीकुंड बैराज के सारे दरवाजे खोल देता है

30 साल पहले जब दिल्ली के लिए प्रतिदिन 1005 एमजीडी पानी निर्धारित किया गया था, तब दिल्ली की आबादी लगभग 1 करोड़ थी। लेकिन, अब दिल्ली की आबादी 3 करोड़ हो गई है, फिर भी दिल्ली को उतना ही पानी दिया जाता है। भीषण गर्मी में जब पानी की मांग और बढ़ी, तो हरियाणा सरकार ने 100 एमजीडी पानी रोक दिया। उन्होंने कहा कि मानसून आने वाला है, जब पानी बढ़ जाता है, तो हरियाणा हथिनीकुंड बैराज के सारे दरवाजे खोल देता है और दिल्ली के लोग डूबने लगते हैं। लेकिन, जब दिल्ली के लोगों को पानी की जरूरत है, तो उन्हें अतिरिक्त पानी नहीं मिल रहा है।
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कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने दावा करते हुए कहा कि सरकार की रिपोर्ट बताती है कि वजीराबाद का तालाब सूख गया है। वजीराबाद के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को पानी नहीं मिल रहा है। मुनक नहर से दिल्ली को मिलने वाले पानी की मात्रा कम हो गई है। लेकिन, फिर भी उपराज्यपाल कह रहे हैं कि हरियाणा पानी दे रहा है। बैठक में सभी मंत्रियों ने यह निर्णय लिया कि उपराज्यपाल से मंगलवार को किसी भी निर्धारित समय पर सभी मंत्रियों के साथ वजीराबाद तालाब पर चलें, जिससे वहां की स्थिति साफ हो जाए कि वहां असल में कितना पानी है और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को कितना पानी मिल रहा है। 

इस दौरान आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह प्रधानमंत्री को भी पत्र लिख रहे हैं और उपराज्यपाल से भी निवेदन कर रहे हैं कि वो साथ आएं और ग्राउंड पर चलकर चीजों की हकीकत देखें। वहीं, आप नेता कैलाश गहलोत ने कहा कि उपराज्यपाल को इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए कि सब अधिकारियों के साथ मुनक नहर या वजीराबाद तालाब पर जाकर खुद देखें कि पानी क्यों नहीं छोड़ा जा रहा है।
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