इसमें बताया है कि दिल्ली में कुल पानी की सप्लाई 1005 एमजीडी है। इसमें में एक बड़ा हिस्सा 613 एमजीडी पानी हरियाणा से आता है। कई दिनों से दिल्ली को 100 एमजीडी पानी कम मिल रहा है। इससे 28 लाख लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। इसमें कहा है कि दिल्ली सरकार ने पानी की कमी को दूर करने के लिए हर संभव कोशिश कर ली है। हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, केंद्रीय जलमंत्री से मिलने की कोशिश की। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से पानी की गुहार लगाई। हिमाचल अतिरिक्त पानी दिल्ली को देने को तैयार है, जो यमुना में हरियाणा से दिल्ली आएगा। मगर हरियाणा वो पानी भी देने से इनकार कर रहा है।
उधर, कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सभी मंत्रियों ने प्रधानमंत्री को पत्र भेज कर जल संकट मामले को देखने के लिए निवेदन किया है। इससे पहले रविवार को आप नेताओं ने उपराज्यपाल से मुलाकात की थी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली को 100 एमजीडी कम पानी देने की वजह से वजीराबाद में यमुना सूख चुकी है। आतिशी के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट को देखते हुए अनशन स्थल पर दिल्ली के सभी मंत्रियों की बैठक बुलाई गई थी।
30 साल पहले जब दिल्ली के लिए प्रतिदिन 1005 एमजीडी पानी निर्धारित किया गया था, तब दिल्ली की आबादी लगभग 1 करोड़ थी। लेकिन, अब दिल्ली की आबादी 3 करोड़ हो गई है, फिर भी दिल्ली को उतना ही पानी दिया जाता है। भीषण गर्मी में जब पानी की मांग और बढ़ी, तो हरियाणा सरकार ने 100 एमजीडी पानी रोक दिया। उन्होंने कहा कि मानसून आने वाला है, जब पानी बढ़ जाता है, तो हरियाणा हथिनीकुंड बैराज के सारे दरवाजे खोल देता है और दिल्ली के लोग डूबने लगते हैं। लेकिन, जब दिल्ली के लोगों को पानी की जरूरत है, तो उन्हें अतिरिक्त पानी नहीं मिल रहा है।
कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने दावा करते हुए कहा कि सरकार की रिपोर्ट बताती है कि वजीराबाद का तालाब सूख गया है। वजीराबाद के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को पानी नहीं मिल रहा है। मुनक नहर से दिल्ली को मिलने वाले पानी की मात्रा कम हो गई है। लेकिन, फिर भी उपराज्यपाल कह रहे हैं कि हरियाणा पानी दे रहा है। बैठक में सभी मंत्रियों ने यह निर्णय लिया कि उपराज्यपाल से मंगलवार को किसी भी निर्धारित समय पर सभी मंत्रियों के साथ वजीराबाद तालाब पर चलें, जिससे वहां की स्थिति साफ हो जाए कि वहां असल में कितना पानी है और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को कितना पानी मिल रहा है।
इस दौरान आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह प्रधानमंत्री को भी पत्र लिख रहे हैं और उपराज्यपाल से भी निवेदन कर रहे हैं कि वो साथ आएं और ग्राउंड पर चलकर चीजों की हकीकत देखें। वहीं, आप नेता कैलाश गहलोत ने कहा कि उपराज्यपाल को इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए कि सब अधिकारियों के साथ मुनक नहर या वजीराबाद तालाब पर जाकर खुद देखें कि पानी क्यों नहीं छोड़ा जा रहा है।