उबर कैब रेप मामले में पीड़िता के मित्र ने मंगलवार को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवाया। उसने अपने बयान में कहा कि पीड़िता उसकी बचपन की दोस्त है लेकिन दुष्कर्म की घटना के बाद उससे मिलने उसके घर नहीं गया था क्योंकि पीड़िता ने उसे ऐसा करने से मना किया था।
पीड़िता के इस मित्र ने दुष्कर्म की घटना के 10 दिन बाद अपना मोबाइल फोन खुद पुलिस को सौंपा था जबकि उबर कैब इसके फोन से ही बुक की गई थी।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष मंगलवार को पीड़िता के मित्र आयुष डबास ने अपना बयान दर्ज करवाया। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने बयान दर्ज करवाया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता आलोक द्विवेदी ने आयुष व जांच अधिकारी अलमा मिंज से जिरह की।