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कैब चालक हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, त्रिकोणीय प्रेम संबंधों में हुआ था मर्डर

Sun, 09 Dec 2018 04:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद के घंटाघर कोतवाली क्षेत्र स्थित सराय नजर अली निवासी कैब चालक आस मोहम्मद उर्फ आशू (35) की हत्या उसी के चार दोस्तों ने त्रिकोणीय प्रेम संबंधों की वजह से की थी। कविनगर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दोस्त से हत्यारोपी बने चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। 
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उनकी निशानदेही पर चाकू और हत्या में इस्तेमाल की गई सेंट्रो कार भी बरामद कर ली गई है। पुलिस के मुताबिक आस मोहम्मद की वजह से उसके एक दोस्त से उसकी प्रेमिका ने दूरियां बना ली थीं। इसके चलते दोस्त ने ही हत्या की साजिश रच दी थी।

एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि कैब चालक आस मोहम्मद की दौलतपुरा निवासी उमेश नाम के टैक्सी ड्राइवर से दोस्ती थी। इसकी वजह से उसकी दोस्ती मिसल गढ़ी निवासी एसी मैकेनिक  हारुन से हो गई थी। 
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उन्होंने बताया कि उमेश की शाहदरा दिल्ली निवासी एक प्रेमिका है। कुछ माह से वह आस मोहम्मद के संपर्क में आ गई और दोनों में प्रेम संबंध हो गए थे। इसकी वजह से उमेश और उसकी प्रेमिका के बीच दूरियां बढ़ गई थीं। 

वहीं करीब एक माह पूर्व हारून से भी आस मोहम्मद का किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। एसपी सिटी ने बताया कि इस बात से उमेश और हारुन उससे नाराज रहते थे। उन्होंने आस मोहम्मद को रास्ते से हटाने की साजिश रच दी। 

उन्होंने बताया कि पांच दिसंबर को हारुन अपनी सेंट्रो कार से आस मोहम्मद को पार्टी के बहाने बुलाकर ले गया। इसके बाद हारुन, उमेश ने अपने दो अन्य दोस्तों राजेश निवासी दौलतपुरा और विनोद उर्फ बंटी निवासी सिहानी गेट के साथ मिलकर आस मोहम्मद के साथ दौलतपुरा में शराब पी।

उन्होंने आस मोहम्मद को ज्यादा शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया और फिर गाड़ी में घर छोड़ने के बहाने उसे बम्हेटा के पास ले गए। रास्ते में ही उन्होंने आस मोहम्मद का चाकू से गला रेत दिया। 

इसके बाद भी चाकुओं से कई वार किए और शव को एनएच-9 किनारे बम्हेटा के पास फेंककर फरार हो गए। हालांकि हत्या की इस वारदात में पुलिस को उमेश की प्रेमिका की संलिप्तता नहीं मिली, लेकिन पुलिस ने उससे पूछताछ की थी।
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सुबूत मिटाने को खून से सने सीट कवर उतारकर फेंके

एसएचओ कविनगर राजकुमार शर्मा ने बताया कि गला रेतने की वजह से कार में खून बिखर गया था और सीट कवर भी खून में सन गए थे। हत्यारोपियों ने सुबूत मिटाने के लिए सीट कवर भी उतारकर फेंक दिए थे। उन्होंने खून में सने अपने कपड़े भी धो लिए थे, ताकि किसी को हत्या की इस वारदात का पता न चल सके।
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