अगर कैब का इंतजार करने में यात्री का कोई भी नुकसान होता है तो कैब कंपनी ही उसकी भरपाई करेगी।
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flight
कैब के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने से यात्री की फ्लाइट छूट जाने के मामले में सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम ने यह टिप्पणी की है। फोरम ने इस मामले में मेरु कैब कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी ठहराते हुए जुर्माना भी ठोका है।
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flights delayed
- फोटो : ANI
केशवपुरम निवासी टी वेंकटरमन को 3 नवंबर 2014 को 4.25 बजे टर्मिनल वन डी से वडोदरा जाना था। वहां पहुंचने के लिए उन्होंने 1 नवंबर को मेरु कैब की एडवांस बुकिंग की थी। कंपनी की ओर से रेफरेंस नंबर 31487964 दिया गया।
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हवाई सेवा
- फोटो : अमर उजाला
साथ ही मैसेज के माध्यम से सूचना दी गई कि पिकअप से 20 मिनट पहले अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा, जिसमें कैब और चालक की जानकारी दी जाएगी। 3 नवंबर को 3.56 बजे मैसेज आया। फिर चालक ने फोन कर बताया कि वह निर्धारित समय पर पहुंच जाएगा।
लेकिन वह नहीं पहुंचा। परेशान होकर उन्होंने कैब चालक को फोन किया, उसने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं, कैब कंपनी के कस्टमर केयर से भी कोई मदद नहीं मिली। उपभोक्ता एयरपोर्ट नहीं पहुंच सका और उनकी फ्लाइट छूट गई। जिस कारण उन्हें बिजनेस में काफी नुकसान उठाना पड़ा। मामला उपभोक्ता फोरम में पहुंचा। फोरम ने मेरु कैब को सेवा में लापरवाही का दोषी बताते हुए आठ हजार रुपये का जुर्माना ठोका है।