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पहले भी 5 बार आमने-सामने आ चुकी है ब्यूरोक्रेसी और केजरीवाल सरकार, पढ़ें सभी विवाद

Wed, 21 Feb 2018 11:07 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
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kejriwal - फोटो : vivek nigam
दिल्ली में जब से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, तब से कई बार पार्टी अधिकारियों और सरकार की जंग सतह पर आ चुकी है। केजरीवाल के घर पर 19 फरवरी की रात को हुई बैठक में मुख्य सचिव के साथ हुई बदसलूकी ने एक बार फिर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि जिस वक्त मुख्य सचिव अंशू प्रकाश के साथ बदसलूकी हुई उस वक्त केजरीवाल भी वहीं मौजूद थे। इस मामले पर प्रकाश ने कल रात ही एलजी से मुलाकात की और आज तो ये मामला गृहमंत्री तक जा पहुंचा। यही नहीं आज दिल्ली सचिवालय में कर्मचारियों ने मंत्री इमरान हुसैन और आप नेता आशीष खेतान को घेरकर मारपीट भी की। ऐसा कुछ पहली बार नहीं हुआ है, पढ़िए ऐसे कुछ पुराने मामले...
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शकुंतला गैमलीन - फोटो : अमर उजाला
1. दिल्ली में जब आम आदमी पार्टी की सरकार नई-नई बनी थी उसी समय राजधानी की कार्यकारी मुख्य सचिव पद पर शकुंतला गैमलिन की नियुक्ति को लेकर बवाल बढ़ गया था। उस समय केजरीवाल सरकार ने इस नियुक्ति का विरोध भी किया था। इतना ही नहीं प्रधान सचिव अनिंदो मजूमदार के दिल्ली सचिवालय स्थित कमरे पर ताला भी जड़ दिया गया था। इस विवाद से ही केजरीवाल सरकार और तत्कालीन एलजी नजीब जंग के बीच तनाव शुरू हुआ था।
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rajendra kumar - फोटो : अमर उजाला
2. दिल्ली सरकार के बनने के कुछ महीनों के अंदर ही केजरीवाल के पूर्व सचिव राजेंद्र कुमार पर भ्रष्टाचार का संगीन आरोप भी लगा था। इस मामले ने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इसी विवाद में केजरीवाल जेटली और पीएम मोदी तक को लपेटे में लिया था। दिसंबर 2015 में सीबीआई ने राजेंद्र कुमार के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। इसी के बाद केजरीवाल ने पीएम मोदी को साइकोपैथ तक कह दिया था। वहीं जेटली पर डीडीसीए में भ्रष्टाचार को लेकर मामला सामने आया था जिसके बाद जेटली ने उनपर 10 करोड़ की मानहानि का मामला दर्ज किया है जिसमें अब भी कानूनी लड़ाई जारी है।

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kejriwal - फोटो : pti
3. आम आदमी पार्टी के दफ्तर को खाली करने का नोटिस देने वाले IAS अधिकारी अश्वनी कुमार ने कई अन्य विवादों के चलते तबादला ले लिया था।
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सीईसी, एके ज्योति - फोटो : FILE PHOTO
4. जनवरी में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के मामले में आम आदमी पार्टी का पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति से भी विवाद हुआ था। पार्टी ने उन पर आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त जो भी कर रहे हैं वो केंद्र सरकार के कहने पर कर रहे हैं। इसके अलावा ईवीएम के मुद्दे पर भी दोनों के बीच काफी विवाद हुआ था।
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kejriwal - फोटो : pti
5. दिल्ली सरकार के तीन साल पूरा होने पर जारी होने वाले विज्ञापन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा बोली गई एक पंक्ति पर अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। इसके लिए अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का तर्क दिया था।
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