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खरीदार बोले...‘ब्लू व्हेल गेम’ बन चुका है जेपी का प्रोजेक्ट

Thu, 01 Aug 2019 05:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा सुशील पांडेय, नोएडा
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demo pic - फोटो : amar ujala
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‘जेपी का प्रोजेक्ट फ्लैट खरीदारों के लिए ब्लू व्हेल गेम बन चुका है। जिस तरह से इस गेम में आखिर में मौत होती है। उसी तरह जेपी के खरीदारों को भी आखिर में कुछ नहीं मिलने वाला है।’ जेपी के खरीदारों का यही कहना है। जेपी के खरीदारों के बीच ब्लू व्हेल गेम की शब्दावली चर्चा का विषय बन रही है। 

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उम्मीद छोड़ चुके खरीदार खुद को इस गेम के खिलाड़ी की संज्ञा दे रहे हैं। जेपी के खरीदारों के लिए लड़ाई लड़ रहे फ्लैट खरीदार गौरव विश्नोई का कहना है कि एनसीएलटी ने 90 दिनों की समय सीमा बढ़ा दी है। यह सब केवल टाइम पास है। खरीदार बुरी तरह से टूट चुके हैं। उन्हें किसी से कोई उम्मीद अब नहीं रह गई है।

बैंक अभी भी बना रहा ईएमआई का दबाव
खरीदारों की मानें तो बैंकों की ओर से अभी भी ईएमआई का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि बैंकों को भी पता है कि जेपी के मामले में काम रुका हुआ है और अभी तक समस्या का हल नहीं निकला है। फिर भी बैंकों की ओर से खरीदारों पर ईएमआई भरने का अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
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सुप्रीम कोर्ट में देंगे फिर से अर्जी
खरीदारों का कहना है कि उनकी ओर से एक बार सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी जा चुकी है। वहीं एक बार फिर से वह अर्जी देने की योजना बना रहे हैं। उनकी मानें तो इसके अलावा उनके पास कोई चारा भी नहीं बचा है। वह बार-बार दरवाजा खटखटा कर थक चुके हैं।

केंद्र सरकार ने भी कुछ नहीं किया
खरीदारों का केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप है। उनका कहना है कि कोर्ट के निर्देश के बावजूद सरकार ने उन लोगों के मामले में कुछ भी नहीं किया। ऐसे में अब वह जाएं तो कहां जाएं। घूम-फिरकर वह फिर से पुरानी जगह पर आ जा रहे हैं।

आम्रपाली की तर्ज पर चाहते हैं समाधान
खरीदारों का कहना है कि आम्रपाली के मामले में कोर्ट के फैसले के बाद सभी एजेंसियां सक्रिय हो गईं। आम्रपाली के खरीदार बेहद खुश हैं। उनकी समस्या का समाधान होने वाला है। लिहाजा, आम्रपाली की तर्ज पर ही कोर्ट को बैंकों व बिल्डर पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि खरीदारों को चैन मिल सके।

आठ से दस हजार लोगों को मिला है पजेशन
जेपी के सेक्टर-128 सहित अन्य सेक्टरों में 32 हजार फ्लैट बनाकर देने थे, लेकिन बताया जा रहा है कि अभी तक केवल आठ से दस हजार खरीदारों का ही भला हो पाया है। बाकी के खरीदार बुरी तरह से फंसे हुए हैं।

नई बोली से समाधान की कोशिश
जेपी के मामले में एनसीएलटी ने 90 दिन का समय बढ़ाकर नए बोली दाताओं की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है। कोर्ट का यह मानना है कि कुछ नई एजेंसियां आएंगी तो उससे मामले का समाधान बेहतर तरीके से हो पाएगा। जेपी के खरीदार एनबीसीसी को चाहते थे, लेकिन उनकी इच्छा पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे मामला पेचीदा होता जा रहा है।

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