संपत्ति दर्ज कराने के लिए मंगलवार से दोगुनी फीस देनी होगी। एआईजी स्टांप एसके सिंह ने बताया कि अब तक अधिकतम 10,000 रुपये फीस लगती थी।
मंगलवार से रजिस्ट्रेशन फीस 20,000 रुपये तक लगेगी। इसके अलावा वसीयत और जीपीए (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) की फीस 100 रुपये की जगह 500 रुपये लगेगी।
फीस की बढ़ी दरें कंप्यूटर में फीड कर दी गई हैं। आज सुबह से नई दरों पर ही रजिस्ट्री होगी। इससे विभाग को साल भर में 100 करोड़ रुपये से अधिक का शुल्क मिलने का अनुमान है।
दूसरी ओर व्यावसायिक संपत्तियों की नई दरें मंगलवार से लागू होने पर संशय है। नई दरों पर दर्ज आपत्तियों का निस्तारण करने के लिए देर रात तक जिला प्रशासन और रजिस्ट्री विभाग के अधिकारी माथापच्ची करते रहे।
बता दें, कि शासन के आदेश पर व्यावसायिक संपत्तियों की कीमत किराए के बजाय सर्किल रेट और निर्माण लागत से तय करने को कहा है।