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निगम की नाक के नीचे दिनभर चला अवैध पार्किंग का धंधा

Thu, 13 Oct 2016 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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पार्किंग - फोटो : फाइल फोटो
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शहर में अवैध पार्किंग का धंधा जोर पकड़ रहा है। दशहरा मेले के नाम पर अवैध पार्किंग का कारोबार नगर निगम की नाक के नीचे किया जा रहा है लेकिन अधिकारी अंजान बने बैठे हैं। 
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कंगाली से जूझ रहे नगर निगम को राजस्व बढ़ाने के लिए जिस काम को खुद अंजाम देना चाहिए, वो काम पार्किंग माफिया कर रहे हैं। अवैध पार्किंग के इस गोरखधंधे में खुद नगर निगम के कर्मचारी संलिप्त नजर आ रहे हैं। 

एनआईटी के दशहरा मैदान पर दो दिवसीय मेले का आयोजन हर साल किया जाता है। पिछले वर्ष तक पार्किंग के नाम पर वसूली नहीं होती थी, लेकिन इस बार मेला देखने के लिए आने वाले लोगों को पार्किंग माफिया की मनमानी का शिकार होना पड़ा। 
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मंगलवार को पार्किंग माफिया ने मेट्रो चौक से लेकर एनआईटी बस स्टैंड तक तक सड़क के किनारे ग्रीन बेल्ट को अवैध पार्किंग बनाकर रख दिया। वाहन चालकों को जो पर्ची दी जा रही थी, उसपर ओम पार्किंग लिखा था।

नियमानुसार पार्किंग की पर्चियां नगर निगम से अधिकृत होनी चाहिए लेकिन पार्किंग माफिया बेखौफ पार्किंग शुल्क वसूलते रहे और नगर निगम के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। 

दशहरा मेला देखने के लिए आ रहे लोगों से वाहन खड़ा करने की एवज में पर्ची पर लिखी तय राशि से दोगुनी वसूली की गई। मसलन, दोपहिया वाहन के लिए पर्ची पर 10 रुपये अंकित थे लेकिन वसूले गए 20 रुपये। 

जबकि कार के लिए 20 रुपये की जगह 40 रुपये की वसूली गई है। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि सड़क  किनारे दिनभर चले इस गोरखधंधे की कमान नगर निगम के ही एक कर्मचारी ने संभाली हुई थी। यह कर्मचारी निगम का ट्यूबवेल ऑपरेटर बताया जाता है। 

पांच घंटे में कमाए लाख रुपये
एनआईटी में लगने वाले दशहरा मैदान के पास अवैध पार्किंग को अंजाम दे पार्किंग माफिया दिनभर में एक लाख रुपये से ज्यादा वसूलकर चलता बना। बाकायदा, रस्सियां लगाकर अवैध पार्किंग स्थल बनाया गया। यहां कुछ लड़के तैनात कर दिए गए। पर्ची पर लिखी राशि से दोगुनी वसूली होने पर वाहन चालक और पार्किंग माफिया के गुर्गों के बीच दिनभर कहासुनी होती रही। 
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