सरकारी तंत्र जनता का पैसा किस तरह बर्बाद करता है, इसका उदाहरण शहर में देखने को मिल रहा है। राजीव गांधी चौक पर नगर निगम ने 11 लाख रुपये खर्च कर बस क्यू शेल्टर बनवा दिया, लेकिन अब इसके तोड़कर दूसरी जगह बनाया गया है।
दरअसल, शेल्टर बनाने से पहले निगम ने जमीन की जांच-पड़ताल करने की जरूरत नहीं समझी। निजी जमीन पर ही शेल्टर बनाकर खड़ा कर दिया गया।
जमीन मालिक की तरफ से शिकायतों का सिलसिला शुरू हुआ तो नगर निगम को अपनी लापरवाही का एहसास हुआ है। बस क्यू शेल्टर को हटाने का रास्ता साफ तो कर दिया गया, लेकिन जनता का पैसा पानी में बहाने वाले लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
दरअसल, मोहना रोड स्थित राजीव गांधी फब्बारा चौक से रोजाना भारी तादात में लोग आवागमन करते हैं। यहां से दयालपुर-अटाली-मोहना, बल्लभगढ़-वाया पन्हैड़ा खुर्द, हीरापुर मोहना, बल्लभगढ़-फतेहपुर बिल्लौच-जवां अलावलपुर मार्ग पर करीब 70 गांवों के लोगों का आना-जाना होता है।
इसके लिए यहां से सहकारी समिति और हरियाणा रोडवेज की बस भी चलती है। इस रोड से फतेहपुर बिल्लौच जवां रूट के यात्रियों का आना-जाना होता है। इन मार्गों पर जाने वाले हजारों लोग राजीव गांधी फव्वारा चौक पर खड़े होते हैं।
लोगों को सुविधा देने के लिए निगम ने अपने कोष से 11 लाख रुपये की लागत से एक बस क्यू शेल्टर बना दिया। जब निर्माण पूरा हुआ तो अचानक निगम को पता चला कि यह जमीन निजी मिल की जमीन है। इसके बाद उसे उखाड़ कर सिटी पार्क के सामने लगाना पड़ा।
बस क्यू शेल्टर सही जगह बना दिया गया है। जमीन के चयन में गलती न हो इसको ध्यान में रख इस बार जमीन की पूरी जांच-पड़ताल की गई है। -रमन शर्मा, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
शेल्टर में अवैध कब्जे
नगर निगम ने पहली लापरवाही गलत जगह पर बस क्यू शेल्टर बनाकर की। गलती का पता लगने पर शेल्टर को हटाकर दूसरी जगह बना दिया गया, लेकिन निगम की लापरवाही का सिलसिला अब भी बरकरार है। लाखों रुपये से बनाए गए शेल्टर में अवैध कब्जे हो गए हैं। ऑटो स्टैंड और रेहड़ी-खोमचे ने शेल्टर दिखाई नहीं देता।