1. बुराड़ी 11 लोगों की मौत का मामला आत्महत्या या हत्या?
2. शुरुआती जांच के बाद पुलिस सूत्रों का कहना है कि बुजुर्ग नारायण देवी की गला घोंटकर हत्या की गई। उनकी हत्या किसने और क्यों की?
3. घर का मेन गेट और ऊपर पहली मंजिल का दरवाजा कैसे खुला था? क्या इन मौतों के मामले में कोई बाहरी शख्स शामिल है?
4. पुलिस का दावा है कि घर का सारा सामान ज्यों का त्यों है?
5. सभी की हत्या नहीं हुई तो एक साथ पूरे परिवार ने मौत को गले क्यों लगा लिया?
6. पड़ोसियों का कहना है कि शनिवार देर रात तक सारा परिवार बिल्कुल नॉर्मल लग रहा था। आखिरी रात ही परिवार को क्या हुआ?
7. अगर परिवार ने आत्महत्या की तो सभी ने एक जगह क्यों फांसी लगाई?
8. जिन लोगों के हाथ बंधे थे, मुंह, आंख और कान बंद थे, यह सब किसने और क्यों किया?
9. एक साथ पूरे परिवार ने आत्महत्या की तो इन लोगों ने अपनी मौत की वजह के लिए सुसाइड नोट क्यों नहीं छोड़ा?
10. घर में एक कुत्ता रहता है। अगर कोई बाहरी शख्स आया था तो वह भौंका क्यों नहीं? किसी ने उसके भौंकने की आवाज नहीं सुनी?
11. परिवार धार्मिक प्रवृति का था। सामूहिक आत्महत्या के पीछे कोई धार्मिक अंधविश्वास तो नहीं?
12. सब लोगों ने सुसाइड किया है तो ज्यादातर लोगों के पैर जमीन से क्यों टच हो रहे थे?
13. ऐसा तो नहीं कि घर के एक या दो सदस्यों ने सभी की हत्या कर खुद भी फांसी लगा ली?
14. रात के खाने में कोई जहरीला पदार्थ तो परिवार के बच्चों व अन्य सदस्यों को नहीं दिया गया? अगर ऐसा है तो वह किसने दिया?
15. मां के अलावा घर के दो सदस्यों के हाथ-पैर व मुंह, आंख, कान खुले थे, कहीं इन लोगों ने तो सबकी हत्या नहीं की?
16. गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में रात 11 बजे से सुबह 7:00 बजे तक किसी बाहरी शख्स को आते हुए नहीं देखा गया। तो क्या 11 मौत के लिए खुद भाटिया परिवार ही जिम्मेदार है?
17. मां, बहन और दो भाई व उनके परिवार की मौत के बाद इसका सबसे ज्यादा फायदा किसको पहुंचेगा। कहीं उसका तो पूरे मामले में हाथ नहीं।
18. अगर कोई बात होती तो प्रतिभा अपनी छोटी बहन सुजाता को बताती। रात 8:30 बजे फोन पर सुजाता और प्रतिभा की बातचीत हुई थी।
19. शनिवार दिन में भूपी किसी काम से कई घंटे के लिए बाहर गए थे। वह कहां और क्यों गए?
20. वारदात में घर के नौकर तो नहीं शामिल। अगर नौकर शामिल थे तो क्यों और कैसे दिया वारदात को अंजाम?
शनिवार रात 11:30 बजे : ललित को आखिरी बार कुत्ता घुमाते हुए पड़ोसियों ने देखा।
रविवार सुबह 7:00 बजे : पड़ोसी गुरचरण ने भूपी की दुकान न खुलने पर दूसरे पड़ोसी कुलदीप को खबर की।
सुबह 7:20 बजे : दोनों घर में दाखिल हुए तो परिवार को फंदे पर लटके देखा।
सुबह 7:30 बजे : दिल्ली पुलिस के हवलदार कुलदीप ने पीसीआर को कॉल कर घटना की जानकारी दी।
सुबह 7:40 बजे : पीसीआर और लोकल थाने से पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को खबर की।
सुबह 9:00 बजे : मध्य रेंज के संयुक्त आयुक्त राजेश खुराना मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
सुबह 9:00 बजे : क्षेत्रीय निगम पार्षद मौके पर पहुंचीं। वह दोपहर तक वहीं रहीं।
सुबह 9:30 बजे : बुराड़ी के विधायक संजीव झा मौके पर पहुंचे।
सुबह 10:30 बजे : स्पेशल सीपी संदीप गोयल मौके पर पहुंचे।
सुबह 11:15 बजे : भाजपा सांसद व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी मौके पर पहुंचे।
सुबह 11:50 बजे : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहुंचे और रिश्तेदारों को सांत्वना दी।
दोपहर 12:55 बजे : दोपहर के समय एंबुलेंस से दो शवों को भेजा गया।
दोपहर 1:50 बजे : पांचवीं व आखिरी एंबुलेंस से दो शवों को मोर्चरी भेजा गया। कुल पांच एंबुलेंस में शव भेजे गए।