बुराड़ी मामले में एक साथ 11 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच अपराध शाखा को सौंप दी है। अतिरिक्त जिला पुलिस उपायुक्त विनित कुमार ने बताया कि शुरूआती जांच और सीनियर पुलिस अधिकारियों से विचार विमर्श करने के बाद हत्या का मामला दर्ज करने का फैसला किया गया।
जांच को और प्रोफेशनल तरीके से करने के लिए उसे क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। शुरूआती जांच में ऐसा लग रहा है कि बुजुर्ग महिला की हत्या करने बाद बाकी लोगों ने फांसी लगाई। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सभी की मौत के सही कारणों का पता चल जाएगा।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट जांच करता हुआ
- फोटो : जी पाल
रविवार सुबह दिल्ली की एक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार के 11 लोगों की रहस्यमय हालात में मौत हो गई। दो बच्चों समेत 10 लोगों के शव पहली मंजिल पर छत की लोहे की ग्रिल से लटके मिले।
इनमें एक महिला की लाश दरवाजे की ग्रिल से लटकी थी। परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला कमरे में फर्श पर मृत पड़ी थी। कुछ शवों की आंखों और मुंह पर पट्टी बंधी थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारी अभी कुछ भी खुलकर नहीं बोल रहे हैं। मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी।
पुलिस के मुताबिक, नारायण देवी (78) परिवार सहित संतनगर बुराड़ी में रहती थीं। इनके परिवार में तीन बेटे व दो बेटियां थीं। नारायण देवी के दो बेटे भुवनेश भाटिया उर्फ भूपी (46), ललित भाटिया (42), विधवा बेटी प्रतिभा भाटिया (58) परिवार सहित यहीं रहते थे।
भूपी के परिवार में पत्नी सविता (42), दो बेटियां नीतू (24), मीनू (22) और एक बेटा धीरेंद्र (13) थे। ललित के परिवार में पत्नी टीना (38), बेटा शिवम उर्फ शिबू (13) थे।
प्रतिभा की बेटी प्रियंका (30) भी यहीं रहती थी। पिछले महीने ही उसकी सगाई हुई थी और साल के अंत तक उसकी शादी होनी थी। 125 गज के मकान में ग्राउंड फ्लोर पर भूपी परचून व दूध की दुकान चलाता था।
इसके बराबर में ललित की लकड़ी की दुकान थी। बड़ा बेटा दिनेश परिवार के साथ राजस्थान के कोटा में रहता है, जबकि एक बेटी सुजाता भाटिया पानीपत में परिवार के साथ रहती है।
क्या कहना है पड़ोसियों का
सुबह 7:00 बजे पड़ोसी गुरचरण ने देखा कि भूपी ने दुकान नहीं खोली थी। दूध की क्रेट बाहर रखी थी। गुरचरण ने दूसरे पड़ोसी कुलदीप को बताया तो दोनों उनके घर गए, दरवाजा खुला था। ऊपर पहुंचे तो पूरे परिवार के शव दूसरी मंजिल के लिंटर पर लगे लोहे की रेलिंग से लटके थे।
कुलदीप ने 7:30 बजे सूचना पुलिस को दी। तब तक घर के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी, ज्वाइंट सीपी समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पिछली रात 11:30 तक पड़ोसियों ने परिजनों को गली में घूमते हुए देखा था।
पुलिस को शवों के पास से एक स्टूल बरामद हुआ है। घर का सारा सामान ज्यों का त्यों मिला। शवों के पास से रुई का पैकेट, डॉक्टर टेप के रैपर व अन्य सामान बरामद हुआ। रसोई के बर्तन धुले हुए मिले। सभी शव सब्जी मंडी मोर्चरी भेजे गए हैं, जहां सोमवार या मंगलवार को मेडिकल बोर्ड से शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
सुसाइड नोट नहीं, घर से मिले दो रजिस्टर
भूपी व प्रतिभा के हाथ खुले थे। पुलिस को घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घर से दो रजिस्टर मिले हैं, जिनमें अध्यात्म से जुड़ी बातें लिखी हैं। इनमें कष्ट बिना मौत जैसी बातें हैं। जिस तरह से मृतकों के मुंह और आंखों पर पट्टियां बंधी हैं, उससे रजिस्टर में दर्ज बातों, दोनों में काफी समानता है।
सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, एफएसएल की टीम जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।- विनीत कुमार, उत्तरी जिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-2