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बुल्ली बाई केस: एप बनाने के मुख्य आरोपी नीरज बिश्नोई की जमानत याचिका पर पुलिस ने आपत्ति जताई

Tue, 25 Jan 2022 06:18 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने कहा था कि आरोप की व्यापकता और जांच के स्तर को देखते हुए इस स्तर पर जमानत देने का कोई आधार नहीं है
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neeraj bishnoi - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बुल्ली बाई एप के बनाने के मामले में मुख्य आरोपी नीरज बिश्नोई की जमानत याचिका का विरोध जताते हुए कहा कि मामले की जांच आरंभिक स्थिति में है। पुलिस ने कहा आरोपी के ट्विटर हैंडल पर सामग्री अपमानजनक है और आरोपी एक विशेष समुदाय की महिलाओं को निशाना बनाने के लिए 'सुली' और 'बुल्ली' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहा था।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के समक्ष दिल्ली पुलिस की ओर से पेश लोक अभियोजक इरफान अहमद ने कहा कि आरोपी ने ही वेबसाइट बनाई है। जांच अधिकारी अभी भी जांच कर रहे हैं और अब तक केवल एक पीड़ित सामने आया है और कई अन्य हैं जिनका अभी पता नहीं चल पाया है।

वहीं नीरज बिश्नोई की ओर से पेश अधिवक्ता एल ओझा ने कहा उनके मुवक्किल को संदिग्ध के रूप में गिरफ्तार किया गया है। यह एक जमानती अपराध है लेकिन बाद में आईटी अधिनियम की धाराएं लगाई गईं। ट्विटर हैंडल जो अपराध करने के अपराध में इस्तेमाल किया गया है उस पर उनके मुवक्किल ने किसी भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है।
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उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिकी में धारा 153ए लगाई गई है जो सांप्रदायिक सद्भाव के बारे में है। उन्होंने कहा कि शिकायत एक व्यक्ति की है और कोई समूह या समुदाय की नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुनवाई 27 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी।

बिश्नोई माना जा रहा मुख्य साजिशकर्ता
21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र बिश्नोई पर बुल्ली बाई एप का मुख्य साजिशकर्ता और निर्माता माना जा रहा है। एप के मुख्य ट्विटर अकाउंट धारक को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस ने 5 जनवरी को असम के जोरहाट से गिरफ्तार किया है।

इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नीरज बिश्नोई की जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि आरोपी द्वारा बनाए जा रहे इस एप पर अपमानजनक सामग्री और सांप्रदायिक रंग वाली आपत्तिजनक सामग्री से महिलाओं के खिलाफ बदनामी का अभियान चलाया गया था।

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने कहा था कि आरोप की व्यापकता और जांच के स्तर को देखते हुए इस स्तर पर जमानत देने का कोई आधार नहीं है। अदालत ने कहा तथ्यों से पता चलता है कि आरोपी ने बुल्ली बाई एप बनाया जहां महिला पत्रकारों और एक विशेष समुदाय की मशहूर हस्तियों को निशाना बनाया जाता है जो सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध हैं और उनका अपमान करने के उद्देश्य से उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया।

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