मामले में पुलिस अभी तक 11 नामजद समेत 29 आरोपियों को जेल भेज चुकी है, लेकिन अभी तक 15 नामजद व अन्य अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस लगातार सभी फरार आरोपियों की तलाश में खाक छान रही है, लेकिन गिरफ्तारी असंभव नजर आ रही है।
सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यप्रणाली
पुलिस की कार्यप्रणाली शुरुआत से ही सवालों में घिरी नजर आ रही है। पहले योगेश राज, फिर जीतू, फिर प्रशांत और कलुआ के नाम मुख्य आरोपियों में शामिल हैं, लेकिन इंस्पेक्टर की पिस्टल और मोबाइल बरामद नहीं किया जा सका है। अब बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर की हत्या के बाद आरोपी प्रशांत ने पिस्टल वहीं फेंक दिया था, लेकिन पुलिस को मौके से पिस्टल नहीं मिली। मंगलवार को कोर्ट खुलने के बाद पुलिस कुछ आरोपियों से इंस्पेक्टर की पिस्टल, तीन मोबाइल फोन बरामद करने के लिए उन्हें पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट से मांग करेगी।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को दबोच लिया जाएगा। कुछ आरोपियों के खिलाफ इनपुट भी मिला है, जल्द गिरफ्तारी संभव है। - अतुल कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी