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बुलंदशहर हिंसाः फौजी के भाई ने ली कसम, जीतू को निर्दोष साबित किए बिना नहीं उतारूंगा वर्दी

Sat, 08 Dec 2018 05:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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जीतू फौजी का भाई धर्मेंद्र - फोटो : ani
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बुलंदशहर हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली मारने के आरोप जीतेंद्र मलिक ऊर्फ जीतू फौजी का भाई अब उसके बचाव में सामने आ गया है। जीतू के बड़े भाई धर्मेंद्र मलिक जो खुद आर्मी जवान हैं का कहना है कि उनका भाई षड्यंत्र का शिकार हो रहा है।
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धर्मेंद्र का कहना है कि उनका भाई जीतू इंस्पेक्टर के कत्ल में शामिल नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पास सबूत हैं कि उनका भाई उस दिन घटना वाली जगह पर मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा, मेरी मुख्यमंत्री से गुजारिश है कि वह मेरी मदद करें।

जीतू के भाई धर्मेंद्र ने ये भी कहा कि, मैं अपने भाई को निर्दोष साबित करने के लिए यहां आया हूं और जब तक मैं उसे निर्दोष साबित नहीं करवा दूंगा तब तक ये वर्दी नहीं उतारूंगा।
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धर्मेंद्र ने ये भी कहा कि, पुलिस प्रशासन मुख्य आरोपी को बचाकर मेरे भाई को फंसा रही है।
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मां ने कहा था- अगर मेरा बेटा दोषी है तो गोली मार दो...

जीतू की मां - फोटो : अमर उजाला
अगर मेरे बेटे ने इंस्पेक्टर को मारा है तो उसे गोली मार दो। मेरे बेटे के जैसा इंस्पेक्टर भी मेरा लाल है और फौजी भी। मैं गलत के साथ नहीं हूं। दोषी को सजा मिलनी चाहिए, भले ही वह कोई भी हो। मैंने आज तक जिंदगी सच के साथ जी है और आगे भी यही करती रहूंगी।

फिर चाहे उसका अंजाम कुछ भी हो। इसलिए बार-बार बोल रही हूं, मेरे बेटे ने इंस्पेक्टर को गोली मारी है, तो उसे भी गोली मार दो। अमर उजाला टीम के बातचीत के दौरान जीतू फौजी की मां रतन कौर ने यह बातें कहीं।

चिंगरावठी में हुए बवाल ने नया मोड़ ले लिया है। फौजी की गोली लगने से इंस्पेक्टर की मौत की बात सामने आई है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि इंस्पेक्टर को गोली मारने के बाद आरोपी फौजी पिस्टल और मोबाइल भी साथ लेकर भाग गया।

इंस्पेक्टर को गोली मारने में बेटे के नाम आने पर मां रतन कौर का पारा चढ़ा है। फौजी का फोटो खींचने पर उन्होंने एक पत्रकार का मोबाइल छीन लिया और उसे तोड़ने का प्रयास किया। उसके बाद वह रोने लगीं और बोलीं मेरे बेटे जीतू ने अगर इंस्पेक्टर को गोली मारी है तो पुलिस उसे भी गोली मार दे।
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'इंस्पेक्टर सुबोध भी मेरे लाल की तरह है'

मुझे जरा भी दर्द या दुख नहीं होगा। इंस्पेक्टर सुबोध भी मेरे लाल की तरह है। एक मां अपने लाल के साथ कभी गद्दारी नहीं करेगी। जो दोषी है उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि वह पुलिस को छोड़ेंगी नहीं। क्योंकि उनकी पुत्रबधू के साथ पुलिस ने लूटपाट और अभद्रता की है।

बेटे ने गोली मारी है तो पहले सिद्ध करो और उसको मार दो। मुझे जरा भी दुख नहीं होगा। क्योंकि एक बेटे को सजा और दूसरे बेटे (इंस्पेक्टर) को न्याय मिलेगा। अगर, मैंने गुस्से में या गलती से कुछ बोल दिया है, तो मुझे माफ कर देना। हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं।
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