कप्तान के मुताबिक उक्त नेता ने थाना प्रभारी निरीक्षक हाफिजपुर पर यह भी आरोप लगाया कि उसने रुपये लेकर गोतस्करों को छोड़ दिया, जबकि जिस दिन यह शिकायत की गई थी, तभी उन्होंने जांच कराई तो पता चला था कि आरोपी गिरफ्तार किए गए थे, कोई नहीं छोड़ा गया।
कप्तान ने बताया कि भाजपा नेता की इस धमकी को काफी गंभीरता से लिया गया है। पुलिस ने कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। उधर, भाजपा के कई नेता सुबह से ही अपने साथी की मामूली गलती मानकर उसे क्लीन चिट दिलाने का प्रयास करते रहे। यह बात अलग थी कि मामला जिले से बाहर बैठे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में भी पहुंच गया है।
वहीं नामजद आरोपी जिला महामंत्री प्रमोद जिंदल का दावा है कि वह भाजपा कार्यकर्ताओं का पुलिस द्वारा उत्पीड़न किए जाने तथा गो तस्करों के खिलाफ आवाज उठा रहा था। हाफिजपुर थाना प्रभारी निरीक्षक ने उसकी बात नहीं। इसलिए कहासुनी हुई थी। हालांकि मोबाइल की रिकार्डिंग में बहुत कुछ छिपा है।
धमकी की कड़ी निंदा
दलित स्वाभिमान रक्षा संघर्ष वाहिनी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अनिल आजाद एडवोकेट ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर भाजपा नेता द्वारा हाफिजपुर थाने पर स्याना कांड जैसा बवाल कराये जाने की धमकी दिए जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि सुशासन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम है। जब पुलिस अफसरों को इस तरह की धमकी मिलेगी, तब आम आदमी क्या सुरक्षित होगा। इस बैठक में राधेलाल, मुकेश जाटव, प्रमोद गौतम, राजकुमार जाटव, मनोज वर्मा, राम लाल आदि मौजूद थे।