फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुलंदशहर गैंगरेप : जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी, बढ़ सकती है पुलिस की मुश्किलें

Fri, 05 Aug 2016 03:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बुलंदशहर में एनएच 91 पर हुए मां-बेटी के गैंगरेप मामले को आज एक हफ्ता हो गया है और इस मामले में पुलिस की गलतियां लगातार सामने आती रही हैं।
विज्ञापन


गलतियों का यह सिलसिला आज एक और कदम आगे बढ़ गया और तफ्तीश में पुलिस की एक बड़ी गड़बड़ी निकलकर सामने आ रही है।

पुलिस पर ऐसा भी आरोप लगा है कि गिरफ्तार गैंगरेप के आरोपियों को जेल भेजने से पहले पुलिस ने उनका मेडिकल ठीक तरह से नहीं कराया। यानी रेप के मामले में भी आरोपियों के डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल नहीं लिए गए।

पुलिस की इस बड़ी लापरवाही से उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इससे पहले पुलिस पर ठीक-ठीक धाराएं ना लगाने का भी आरोप लग चुका है।

बुलंदशहर ज‌िला अस्पताल पहुंचीं मह‌िला आयोग की सदस्या

बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। रईस को रिमांड पर लेने से कोतवाली देहात व खुर्जा में पिछले दिनों हुई हत्या और डकैती के दर्ज मामले भी खुल सकते हैं। उधर, गैंगरेप पीड़िता की तबियत में सुधार होते ही 164 के तहत पुलिस बयान दर्ज कराएगी।

वहीं दूसरी ओर आज राज्य महिला आयोग की सदस्या बुलंदशहर जिला अस्पताल पहुंचीं। महिला आयोग, मेडिकल के दौरान गैंगरेप पीड़िताओं से अभद्रता मामले में डॉक्टरों से पूछताछ कर रही हैं।

आठ आरोप‌ियों ने ‌क‌िया गैंगरेप

बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
हाईवे पर हैवानियत की वारदात को अंजाम देने वाले हैवानों की संख्या छह-सात नहीं बल्कि आठ थी। ये रईस गैंग से जुड़े हैं। उन्होंने वारदात से पहले ढाबे से खाना पैक कराया और शराब के आठ क्वार्टर खरीदे थे।

बोतलों की संख्या और ढाबे की पैकिंग की तफ्तीश करते हुए पुलिस रईस और उसके साथियों तक पहुंची थी। पीड़ित के पिता ने भी सिर्फ रईस को ही पहचाना था। उसके मोबाइल की लोकेशन भी वारदात से पहले आसपास मिली थी। 

हो सकता है पुलिस अगले दो-तीन दिन में पूरा मामला खोल दे। हालांकि पुलिस ने बावरिया गैंग को अभी भी जांच के दायरे से बाहर नहीं किया है।  वारदात के बाद 30 जुलाई की सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची। 

वहां शराब के आठ क्वार्टर, मांसाहार खाने के कुछ अंश, चिप्स के पैकेट, अंडे के छिलके आदि मिले। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस ने आनन-फानन में मौके से सभी साक्ष्य एकत्रित कर लिए।

ढाबे की पैक‌िंग से म‌िला आरोप‌ियों का पता

बुलंदशहर गैंगरेपः घटनास्थल पर पड़ी चेन - फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल को लगभग पूरी तरह साफ कर दिया गया। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस के हाथ रईस तक पहुंच गए। आसपास के ढाबा संचालकों से हुई पूछताछ के बाद पता चला था कि इतना खाना कौन व्यक्ति ले गया था।

इसके अलावा आसपास के शराब ठेका संचालकों से भी पुलिस ने पूछताछ की थी। ढाबा संचालक और शराब ठेकों के सेल्समैनों से हुई पूछताछ में रईस का नाम सामने आ गया और रईस को पकड़ लिया गया।  

पुलिस की गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार रईस के शराब पीने का अलग स्टाइल है। वह अपने साथियों के लिए अलग-अलग क्वार्टर लेता है। सभी शराब तो साथ पीते हैं, लेकिन सभी अपने-अपने क्वार्टर से ही पैग बनाते हैं।

नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिस अफसर ने बताया कि गांव सुतारी निवासी रईस पिछले कई माह से आसपास के इलाकों और हाईवे पर वारदातों को अंजाम दे रहा था। रईस के गैंग में खुर्जा और गुलावठी के मेवाती समुदाय के कुछ बदमाश शामिल हैं।

रईस के मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल की मिली है।  उसने कई लोगों से बात भी की थीं, लेकिन वारदात के समय मोबाइल लोकेशन घर पर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक रईस वारदात के समय मोबाइल को घर पर रखकर आया था। पुलिस अब रईस द्वारा बात की गई नंबरों की जांच कर रही है।

नाम के खेल में उलझी पु‌ल‌िस

बुलंदशहर गैंगरेपः घटनास्थल की जानकारी देता स्थानीय - फोटो : अमर उजाला
शुरूआती जांच में पुलिस नामों के खेल में उलझ गई। दरअसल, वारदात के दौरान आरोपी फर्जी नामों से एक-दूसरे को पुकार रहे थे। इसके अलावा बावरिया स्टाइल में हाईवे होल्डअप और डकैती की वारदात को तो अंजाम दिया गया, लेकिन बावरिया गिरोह महिलाओं से रेप के लिए नहीं जाना जाता। बावरिया गैंग वारदात के बाद मौके पर शौच करने के लिए भी जाना जाता है। 

खुर्जा में कोल्डस्टोर में डकैती-रेप का शक भी इसी गैंग पर
खुर्जा देहात क्षेत्र के गांव धराऊ में निर्माणाधीन कोल्ड  स्टोर पर 24 जुलाई को डकैती और महिलाओं से रेप का शक भी रईस गैंग पर है। रईस के गिरोह ने 30 जून को नेशनल हाईवे के पास ही एक ढाबे पर लूट की वारदात की थी। 

ढाबा संचालक का आरोप है कि बदमाशों ने उसके ढाबे से हजारों रुपये के अलावा ट्रक चालकों को बंधक बनाकर नगदी और मोबाइल लूटा था। इसके अलावा कोतवाली देहात क्षेत्र में करीब 20 दिन पहले लूट और रेप के मामले पर भी पुलिस ने पर्दा डाल दिया था।

'जांच चल रही है। जांच पूरी तरह सही दिशा में है। जल्द ही सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही सब कुछ स्पष्ट हो पाएगा।' - अनीस अहमद अंसारी, एसएसपी
विज्ञापन

पहेली बना ‘असलम’

बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
आरोपी हाईवे पर हैवानियत के दौरान आरोपियों के बीच बातचीत से सामने आए असलम का नाम अब पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। पीड़ित परिवार ने पुलिस को बातचीत में बताया था कि वारदात के समय आरोपियों ने अपने साथी का नाम असलम लिया था।

उन्होंने कहा था कि असलम ट्रैक्टर लेकर आओ, कीचड़ में फंसी कार को निकालना है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक रईस ने ही वारदात के समय अपना नाम असलम बताया था। 

वारदात के समय नाम बदलकर काम करते हैं बावरिया
बावरिया गिरोह की वारदातों की खासी जानकारी रखने वाले एक्सपर्ट के अनुसार, बावरिया वारदात के समय अपना नाम बदल लेते हैं। साथ ही पकड़े जाने पर पुलिस को भी आसानी से अपनी पहचान नहीं बताते हैं। जिसके चलते पुलिस को सही आरोपियों के बारे में तस्दीक करने में भी दिक्कतें आती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें