बुलंदशहर के जहांगीराबाद मामले में मौका मुआयना करने पहुंचे डीएम-एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
बुलंदशहर के जहांगीराबाद प्रकरण में डीएम-एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। बुधवार सुबह मृतक के घर अफसर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। वहीं दोपहर तक डीएम ने परिजनों को अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत बैंक खाते में 3.75 लाख रुपये की मदद दिलवाई।
इस मामले में देर रात पुलिस ने दो अन्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल पांच नामजद आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल जा चुके हैं। वहीं अभी भी दो नामजद आरोपी पकड़ से दूर हैं। जिनकी तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस जल्द ही दोनों आरोपियों को पकड़ने का दम्भ भर रही है।
क्या है पूरा मामला
जहांगीराबाद में दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने आरोपी परिवार के दबाव में आत्मदाह करने की कोशिश की। गंभीर हालत में पीड़िता को जिला अस्पताल से हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
वहीं, पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर एक महिला सहित सात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में एसएसपी ने सीओ अनूपशहर और कोतवाली प्रभारी जहांगीराबाद को लाइन हाजिर कर दिया है।
पीड़ित किशोरी के पिता ने तहरीर देकर बताया कि उनकी पुत्री के साथ 14 अगस्त 2020 को एक आरोपी ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद से ही आरोपी के परिजन मामले में फैसले का दबाव बना रहे थे। फैसला न करने पर उनकी पुत्री व अन्य परिजनों को हत्या की धमकी दी जा रही थी।
इस संबंध में भी पुलिस को तहरीर दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद पीड़ित पिता ने न्यायालय में याचिका दायर की हुई है। वहीं, मंगलवार सुबह पीड़िता के पिता व मां पड़ोस में ही एक अन्य घर में गए हुए थे। उस दौरान पीड़िता ने खुद पर पेट्रोल छिड़कर आत्मदाह की कोशिश की। यह उसने अपने अंतिम बयान में कहा था। पीड़िता के बयान से पहले यह कहा जा रहा था कि उसे सात लोगों ने जलाया है।