बुलंदशहर में इज्तमा में जुटे आला अफसरों को स्याना पुलिस द्वारा सुबह करीब दस बजे ही गोकशी की सूचना दे दी गई थी। हंगामा बढ़ रहा था, लेकिन आला अफसर केवल फोन पर ही स्याना पुलिस को निर्देशित कर रहे थे। करीब एक घंटे तक हुई फायरिंग व पथराव को रोका जा सकता था, यदि मौके पर आला अधिकारी पहुंच कर भीड़ को शांत करने की कोशिश करते।
करीब एक घंटे तक हुई फायरिंग और पथराव से स्याना कस्बा दहल गया। लगातार हो रहे पथराव के चलते चौकी छोड़कर पुलिस कर्मी बिरौली गांव की ओर भागने लगे। बता दें कि स्याना के गांव महाब में सोमवार सुबह हुई गोकशी की सूचना कोतवाली से जिला स्तर के अधिकारियों को दे दी गई थी।
लेकिन, आला अधिकारी इज्तमा में जुटे रहे। सुबह करीब नौ बजे घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी थी। इसके बाद गांव में पहुंची पुलिस ने करीब दस बजे आला अधिकारियों को अवगत करा दिया था। इसके बाद ग्रामीण पशु अवशेषों को चौकी पर लेकर पहुंच गए।
जहां, करीब साढ़े 11 बजे पुलिस और ग्रामीणों के बीच बवाल हो गया। करीब एक घंटे तक चौकी के सामने बवाल चलता रहा। बवाल की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी से लेकर एसएसपी और विभिन्न थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया।