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बुलंदशहर गैंगरेपः पीड़िता के पिता ने सुनाई खौफनाक रात की दास्तां

Mon, 01 Aug 2016 04:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
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नेशनल हाईवे 91 पर परिजनों को बंधक बनाकर मां-बेटी से गैंगरेप के बाद परिवार सदमे में है। वहीं हादसे को अंजाम देने वाले तीन गिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने आज 14 ‌द‌िन के ‌ल‌िए जेल भेज द‌िया है। दूसरी तरफ सस्पेंड किए गए अफसरों की जगह पर तीन नई नियुक्तियां भी हुई हैं।
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पिता ने बताई उस खौफनाक हादसे की पूरी कहानी
एक न्यूज चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में पीड़िता के पिता ने कहा है कि अगर तीन महीने के अंदर उनके परिवार को न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार आत्महत्या कर लेगा। उस दिन को याद करते हुए पीड़िता के पिता ने कहा कि 'मुझे गुस्सा आता है, ऐसा लगता है जहर खाकर मर जाऊं।'

उस मनहूस दिन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि, 'महिलाओं को नंगा कर तलाशी ली गई। इसके बाद उन्होंने बहुत घिनौनी हरकत की। मैंने उनसे कहा कि पैसे ले लो, लेकिन महिलाओं को छोड़ दो, पर उन्होंने एक न सुनी।'
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गौरतलब है कि पुलिस ने आज आरोपी शावेज निवासी गांव दहपा जिला हापुड़, रईस निवासी गांव सुतारी बुलंदशहर, जबर सिंह रबूपुरा की नोएडा कोर्ट में पेशी हुई। पुलिस ने शावेज और जबर सिंह को वैर स्टेशन से गिरफ्तार किया था। इन सब का संबंध बावरिया गैंग से है। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि कोर्ट ने तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है।

पढ़ने में बहुत होनहार है पीड़‌ित नाबाल‌िग

मां-बेटी गैंगरेप में घटनास्थल पर पहुंची पुलिस - फोटो : ANI
नाबालिग पीड़िता के पिता का कहना है कि जो कुछ भी उनके परिवार के साथ हुआ वो कानू-व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण हुआ। बता दें कि पीड़ित परिवार कई साल खोड़ा स्थि एक किराए के मकान में रह रहा है। पीड़ित महिला गृहिणी है और उसका पति टैक्सी चालक है। जब नाबालिग रेप पीड़िता 9वीं में पढ़ती है।

उसके पिता ने बताया कि बच्ची पढ़ने में बहुत होनहार है। इस घटना के बाद से वह बुरी तरह डरी हुई है। जब उसे आरोपियों की पहचान के लिए ले जाया गया था तब भी वह डरी थी और उन्हें देखते ही चीख पड़ी थी।

वहीं उत्तर प्रदेश के हाईवे में नोएडा के परिवार के साथ लूट और मां-बेटी से गैंगरेप की दर्दनाक घटना ने देश को हिलाकर रख दिया, लेकिन अखिलेश सरकार की नजर में रेप की कीमत एक लाख रुपये है।

पीड़ित नाबालिग बच्ची बुखार से तप रही थी, लेकिन दवाई से लेकर उसके खाने का प्रबंध करने में प्रशासन और पुलिस नाकाम रही है। मां-बेटी को 50-50 हजार रुपये का चेक भेजने से जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती है। यह कहना है राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम का।
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मह‌िला आयोग के ‌न‌िशाने पर रहे पुल‌िस अफसर

बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
बुलंदशहर में हाईवे पर लूट और गैंगरेप मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम बुलंदशहर पहुंची। आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि रेप के बाद पीड़ितों को सबसे पहले मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ काउंसलिंग करवानी चाहिए।

हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार का प्रशासन पीड़ितों को बुनियादी सुविधा देने में नाकाम रहा है। अध्यक्ष का आरोप है कि यूपी पुलिस डीजीपी जावेद अहमद मुख्यमंत्री की ओर से चेक लेकर पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। बुलंदशहर पहुंचकर उन्होंने पीड़ितों से मिलने की बजाय सबसे पहले गार्ड ऑफ ऑनर लिया और उसके बाद घटनास्थल का दौरा किया। इसके बाद आखिर में पीड़ित परिवार से मिलकर चेक दिया।

जांच टीम की सदस्य व आयोग सदस्य रेखा शर्मा ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि जब हमारी टीम रविवार सुबह नोएडा पीड़ितों से मिलने पहुंची तो उससे पहले ही पुलिस  परिवार को अपने साथ ले गई।

आयोग सदस्य ने आरोप लगाया है कि यूपी पुलिस ने आयोग की टीम को पीड़ितों के परिवार से फोन पर बात भी नहीं करने दी और फोन बंद करवा दिया। आयोग टीम के बुलंदशहर पहुंचने के बाद भी एक घंटे तक पीड़ित परिवार से नहीं मिलने दिया गया। बाद में काफी मुश्किल के बाद पीड़ित परिवार से मिलने दिया गया।

आयोग सदस्य रेखा के मुताबिक, पीड़ित नाबालिग बच्ची (13 वर्ष) को तेज बुखार था और उसे खाने के लिए भी कुछ नहीं दिया गया था। आयोग के दखल के बाद पुलिस ने बच्ची को अस्पताल से दवा दिलाने के साथ खाने को दिया। परिवार ने बताया कि बच्ची व मां बेहद डरी हुई हैं, लेकिन कोई काउंसलिंग नहीं करवाई गई। बता दें कि शुक्रवार रात को एनएच 91 में नोएडा से शाहजहांपुर जा रहे परिवार को कार रुकवाकर लूटपाट करने के बाद मां-बेटी से गैंगरेप किया था।
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