राजधानी की जिन इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों व नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अगर जरूरत पड़े तो इन्हें सील कर दिया जाए। यह सख्त आदेश हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार, दमकल विभाग व नगर निगमों को दिया है।
मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने एक याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया है। इस याचिका में आजादपुर क्षेत्र में बनी दो इमारतों पर कार्रवाई करने की मांग की गई थी।
याची का आरोप था कि इन इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके बाद भी संबंधित विभाग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। होटलों व गेस्ट हाउस मालिकों को अग्निशमन यंत्रों को लगाने का निर्देश कुछ समय पहले दिया गया था।
गौरतलब है कि करोलबाग के होटल अर्पित में फरवरी में लगी भीषण आग में झुलसकर 17 पर्यटकों की मौत हो गई थी। इसके बाद राजधानी के सभी होटलों व गेस्ट हाउस में आग से सुरक्षा इंतजाम की जांच की गई थी।
दिल्ली सरकार ने विशेषज्ञों से विमर्श करने के बाद फायर एनओसी प्रदान करने के नियमों में बदलाव किया था। हालांकि यह कार्रवाई सिर्फ होटलों पर की गई थी, लेकिन अब हाईकोर्ट ने सभी इमारतों के संदर्भ में यह आदेश दिया है।