उत्तरी दिल्ली के गुलाबी बाग इलाके में लोन एजेंट को अगवा कर परिवार से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में स्पेशल स्टाफ ने गैंग के सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नूंह, मेवात निवासी शमीम (24) के रूप में हुई है।
मेवात के पुन्हाना में आरोपी ने एक किशोरी को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म भी किया था। इस मामले में भी पुलिस को आरोपी की तलाश थी। पुलिस के अनुसार आरोपी जस्ट डॉयल से कारोबारियों के नंबर लेकर उन्हें कारोबार के सिलसिले में मेवात बुलाते थे।
वहां पीड़ितों को बंधक बनाकर उनके परिजनों से फिरौती की रकम मांगी जाती थी। उत्तरी जिला पुलिस आरोपी शमीम से पूछताछ कर उसके बाकी साथियों की तलाश कर रही है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने तीन सितंबर को गुलाबी बाग इलाके से एक लोन कमीशन एजेंट को गुरुग्राम बुलाकर अगवा कर लिया गया था। आरोपियों ने परिवार से पीड़ित को छोड़ने के एवज में 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
बातचीत होते-होते 50 हजार रुपये में सौदा हुआ। परिवार ने पीड़ित के खाते में पंद्रह हजार रुपये डाल दिए। रुपये डालते ही आरोपियों ने नूंह के एक एटीएम से रुपये निकाल लिए। बाद में आरोपियों ने पीड़ित को पकड़े जाने के डर से छोड़ दिया।
लोकल पुलिस के अलावा स्पेशल स्टाफ ने मामले की छानबीन शुरू की। तकनीकी सर्विलांस व सीडीआर के आधार पर पुलिस ने आरोपी को राजस्थान के जयपुर से मंगलवार को दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी हारून, माजिद, सनीद और पंडित के साथ मिलकर मुंबई, आगरा, जयपुर, दिल्ली में वारदातों को अंजाम देते थे।
आरोपियों ने कुछ दिनों पूर्व शरद और राजन नामक दो कारोबारियों को लिफ्ट लगवाने के नाम पर अलवर, राजस्थान बुलाकर लूट लिया। आरोपी शमीम डिप्लोमा इंजीनियरिंग किए हुए है। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।