हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, एमसीडी, डीडीएमए और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय पुलिस और दमकल की टीमें करीब 15 से 20 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। इसके बाद एनडीआरएफ ने भी राहत एवं बचाव अभियान संभाल लिया। मलबे को हटाने के साथ आसपास के हिस्से को खाली कराया गया और देर तक यह जांच चलती रही कि कहीं कोई व्यक्ति मलबे में फंसा तो नहीं है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, करीब 25 वर्ग गज डूसिब की जमीन पर बनी यह इमारत 15 से 20 साल पुरानी थी। शुरुआत में मकान दो मंजिल का था, लेकिन पिछले साल उसके ऊपर दो और मंजिलें बना दी गईं। लोगों का दावा है कि इमारत से सटे हिस्से में पिछले कुछ समय से तोड़फोड़ का काम चल रहा था। इसके चलते जर्जर मकान की नींव और दीवारों पर असर पड़ा और उसकी स्थिति और कमजोर हो गई।
बताया गया कि मंगलवार रात आए भूकंप के बाद मकान में कई जगह दरारें आ गई थीं। इसे देखते हुए मकान मालिक ने इमारत खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी हो पाती, उससे पहले ही बुधवार दोपहर करीब 3:10 बजे मकान का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। कुछ ही पलों में पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के बाद इलाके में जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल राहत और बचाव टीमों का ध्यान मलबा पूरी तरह हटाने और किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को खत्म करने पर है।
पांच घायलों के सिर में चोट
मलबे से निकाले गए आठ घायलों को एंबुलेंस के जरिए जीटीबी अस्पताल की आपातकालीन सेवा में पहुंचाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इनमें सात मरीज 20 से 25 वर्ष की उम्र के हैं, जबकि एक तीन साल का बच्चा है। प्राथमिक जांच के बाद सभी घायलों को चोट के अनुसार अलग-अलग विभागों में भर्ती किया गया है। अस्पताल के मुताबिक, पांच घायलों के सिर में चोट आई है और उनका इलाज न्यूरोसर्जरी विभाग में चल रहा है। वहीं, तीन घायलों को हड्डियों से जुड़ी चोटें होने के कारण ऑर्थोपेडिक विभाग में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम सभी मरीजों की लगातार निगरानी कर रही है।
डीसीपी राजेन्द्र प्रसाद मीणा ने बताया कि बुधवार दोपहर को न्यू सीमापुरी में ई-ब्लॉक, ई-401 नंबर वाली चार मंज़िला इमारत के गिरने की सूचना मिली। लगभग 25 वर्ग गज के प्लॉट पर यह इमारत बनी थी। इमारत गिरने से बगल की दो इमारतें भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। अभी तक 8 घायल लोगों को मलबे से निकाला गया, हालांकि इसमे एक 3 साल के बच्चे की मौत हो गई। अभी भी बचाव व राहत कार्य जारी है। मलबे के अंदर और लोग तो नहीं फंसे है। इसका भी पता किया जा रहा है।