हौज काजी में इमारत ढहने की जगह पर चल रहे बचाव अभियान के दौरान शनिवार को मलबे से चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं। एक मृतक की पहचान पंकज शर्मा (40) के रूप में हुई है। वहीं, दूसरे मृतक की पहचान लक्ष्मण के रूप में हुई है। जिसकी चार बच्चियां हैं। अब तक मृतकों की संख्या छह हो गई है। घटनास्थल पर बचाव अभियान अभी भी जारी है। इस हादसे में गुरुवार को दो लोगों की मौत हो गई थी। चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा में स्थित यह इमारत गुरुवार सुबह करीब नौ बजकर 50 मिनट पर ढह गई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा और नगर निगम (एमसीडी) ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया।
छह मृतकों की हुई पहचान
संजीत कुमार, पुत्र खोखो राम, खगड़िया (बिहार)
किशोरी साह, पुत्र तिलो साह, सहरसा (बिहार)
पंकज शर्मा, पुत्र हजारी शर्मा, खगड़िया (बिहार)
विपिन राम, पुत्र विलास राम, दिल्ली
शांतु, पुत्र शंकर मुखिया, खगड़िया (बिहार)
दिनेश साह, पुत्र पुलिस शाह, खगड़िया (बिहार)
मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि निर्माणाधीन इमारत स्थल पर हादसे के समय करीब 10 से 15 मजदूर मौजूद थे। गुरुवार को दो मजदूरों किशोरी (40) और संजीत (45) की मौत हो गई, जबकि सहदेव चौधरी (25) और फिरोज (37) घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। इससे पहले स्थानीय लोगों ने भी मलबे से चार लोगों को बाहर निकाला था। आसपास की इमारतों की स्थिरता को लेकर आशंकाओं के बीच बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
आरोप है कि 50 वर्गमीटर के भूखंड पर आवश्यक मंजूरी लिए बिना इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक अधिकारी ने बताया कि इस इमारत का कोई भवन नक्शा स्वीकृत नहीं किया गया था। नगर निगम के अनुसार, इमारत का निर्माण तीसरी मंजिल तक पहुंच गया था और छत की स्लैब डालने का काम चल रहा था, तभी वह ढह गई। अधिकारी ने बताया कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी और ठीक से सेट भी नहीं हुई थी। इसी वजह से इमारत ढह गई।
दिल्ली पुलिस ने जून में ही इस संपत्ति पर हो रहे अवैध निर्माण को लेकर एमसीडी को आगाह किया था। 15 जून को हौज काजी थाने के एसएचओ ने एमसीडी के सिटी सदर पहाड़गंज जोन को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की जानकारी दी थी। इसमें जमीन के मालिक और ठेकेदार के रूप में फरकान की पहचान बताई गई थी। पुलिस ने इमारत के मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।