बहन से जल्द मिलने दिल्ली आना था, उससे कुछ दिन पहले बात हुई थी, लेकिन सोचा नहीं था, बहन से अब ऐसे मुलाकात होगी। यह दर्द है बागपत के रहने वाले वसीम का। जीटीबी अस्पताल में बैठकर बहन चांदनी के साथ बिताए पुराने दिनों को याद कर वसीम की आंखें छलक रही थीं।
इस घटना में बागपत के रहने वाले जमील की बेटी साइना (25 साल) और उसके पति नाजिम (25 साल) के साथ-साथ उनके तीन बच्चों की मौत हो गई। उनके दो बेटे और एक बेटी थी। इनकी उम्र छह साल से 11 माह बताई जा रही है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
शादी में चली गई तो बच गई जान
शादी में जाना साहिबा के लिए जिंदगी का कारण बन गया। हादसे से एक दिन पहले मकान मालिक के बेटे की पत्नी साहिबा अपने बच्चों के साथ मायके चली गई थी। उन्हें शादी में शामिल होना था। जीटीबी अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचे अन्य पीड़ित की परिजन साजिद ने बताया कि साहिबा के पति आस मोहम्मद की काफी समय पहले ही मौत हो गई थी। साहिबा इस बिल्डिंग में अपनी एक बेटी और दो बेटों के साथ रहती थी। घटना से पहले उनके मायके से लोग शादी का निमंत्रण लेकर आए और साहिबा के साथ बच्चों को अपने साथ ले गए।
हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे कई लोग
हादसे के बाद परिजनों की जानकारी लेने बागपत के सिंगोली गांव से कई लोग जीटीबी अस्पताल पहुंचे। सोहेल ने बताया कि सुबह-सुबह इस दुखद घटना की जानकारी मिली। गांव में हर जगह इस घटना की चर्चा हो रही थी, तभी गांव के लोगों ने परिवार के साथ मिलकर दिल्ली आने का फैसला लिया, लेकिन अस्पताल में कोई जानकारी नहीं मिल पाई।