प्राधिकरण ने बकाया न जमा करने वाले बिल्डरों के लिए 31 दिसंबर तक का मौका दिया है। इसके बाद आवंटन निरस्त करने की चेतावनी दी है।
नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ पीके अग्रवाल का कहना है कि बकायेदार बिल्डरों को कई बार नोटिस भेजा गया, मगर पैसा जमा करना तो दूर की बात है।
इन बिल्डरों नोटिस का जवाब भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण अब तक इसलिए कार्रवाई नहीं कर रहा था कि क्योंकि उन प्रोजेक्ट में हजारों खरीदार पैसा लगा चुके हैं, मगर बिल्डरों की मनमानी के कारण प्राधिकरण कार्रवाई करने को विवश होगा।
उन्होंने बताया कि अगर बिल्डर 31 दिसंबर तक बकाया राशि का 20 फीसदी जमा कर देते हैं, तो उनकी किस्त री-शेड्यूल कर दी जाएगी। उसके हिसाब से भुगतान करने का सुविधा मिल सकती है।
बता दें कि आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंडों को मिलाकर करीब 200 बकाएदारों पर लगभग 11,000 करोड़ रुपये बकाया है। इसे पाने के लिए प्राधिकरण सितंबर और अक्तूबर में भी नोटिस भेज चुका है।
कोई जवाब न मिलने पर अब प्राधिकरण से आवंटन निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। अगर आवंटन निरस्त होता है तो साइटों पर निर्माण कार्य भी रुक जाते हैं। उसे तब तक बहाल नहीं किया जाता है, जब तक कि पेनॉल्टी के साथ बकाया किस्तें जमा न हो जाएं।