फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़े बिल्डर्स पर गिर सकती है गाज, NGT ने मांगी आदेश का उल्लंघन करने वालों की सूची

Thu, 14 Jul 2016 03:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
एनजीटी
विज्ञापन
दिल्ली और नोएडा में 10 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में निर्माण करने वाले बिल्डर्स और डेवलपर के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) की सख्ती कायम है। 
विज्ञापन

एनजीटी ने दिल्ली के सभी निगमों, नोएडा विकास प्राधिकरण, दिल्ली विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे अब तक आदेश का उल्लंघन करने वाले बड़े बिल्डर्स की सूची ट्रिब्युनल के समक्ष पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। 

जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने वर्धमान कौशिक मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया है। पीठ ने सभी प्राधिकरणों से हलफनामा दाखिल कर धूल या अन्य वायु प्रदूषण फैलाने वालों के बारे में विस्तृत जानकारी देने को कहा है। 
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

शीर्ष अधिकारियों को भी किया गया है तलब

बिल्डर - फोटो : अमर उजाला
पीठ ने कहा कि हलफनामे में यह जानकारी भी दी जाए कि दोषी पाए जाने वाले किस बिल्डर ने जुर्माना दिया है और किसने नहीं। पीठ ने कहा कि छोटे बिल्डर के बजाए 10 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र में निर्माण करने वाले बिल्डर्स पर प्राधिकरण ज्यादा ध्यान केंद्रित करें और एक हफ्ते में जवाब दाखिल करें। 

एनजीटी ने मामले से जुड़े प्राधिकरणों के सभी शीर्ष अधिकारियों को भी तलब किया है। अगली सुनवाई में सभी अधिकारी ट्रिब्युनल के समक्ष पेश हों। वहीं मामले में पीठ ने स्वामी नगर स्कूल सोसाइटी पर 15 हजार रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी लगाया है। 

पीठ ने सख्ती से कहा कि एक हफ्ते के अंदर यह राशि संबंधित निगम वसूले। यदि पर्यावरण क्षतिपूर्ति की राशि समय से नहीं जमा होती है तो संबंधित निगम इसकी जानकारी ट्रिब्युनल को दें।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें