रीयल एस्टेट सेक्टर की मंदी के चलते जीडीए अधिकारी भी संपत्तियों को बिल्डरों की शैली में बेचने निकल पड़े हैं।
शनिवार को जीडीए अधिकारियों ने मधुबन-बापूधाम फ्लैट योजना के लिए पहले आओ-पहले पाओ स्कीम का कैंप लगाया। पहले कैंप में हालांकि कोई फ्लैट नहीं बिका, लेकिन लोग बड़ी संख्या में फ्लैट देखने आए।
स्कीम के जरिए फ्लैट की बिक्री न होने पर जीडीए ने मधुबन-बापूधाम योजना में बचे 743 फ्लैटों को बिल्डरों की शैली में बचने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास कराया था।
जीडीए अधिकारी प्रत्येक शनिवार को योजना के टावरों में कैंप लगाएंगे। सुबह 11 बजे से लेकर तीन बजे तक कैंप लगेगा।
तीन बजे के बाद पसंद किए गए फ्लैट का मौके पर ही आवंटन कर दिया जाएगा। योजना 31 मार्च 2016 तक चलेगी।
जीडीए अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि रेडी टू मूव इन फ्लैट्स को खरीदने के इच्छुक 100 से अधिक लोग फ्लैट पसंद करने के लिए कैंप में आए।
इनमें से कई ने अपने मनपसंद फ्लैट्स की सूची बनाई है। कई ने आवंटन के लिए फार्म भी खरीदे हैं। अगले सप्ताह से फ्लैटों की बिक्री शुरू होने की उम्मीद है।
फ्लैट का प्रकार, एरिया (वर्गमीटर में) और कीमत (रुपये में)
टू बीएचके (ए टाइप)-126.78-50.58 लाख
टू बीएचके (बी टाइप)-131.78-52.58 लाख
थ्री बीएचके (ए टाइप)-152.62-60.89 लाख
थ्री बीएचके (बी टाइप)-156.86-62.59 लाख
थ्री बीएचके स्टडी (ए टाइप)-169.20-67.50 लाख
थ्री बीएचके स्टडी (बी टाइप)-174.20-69.42 लाख