फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिल्डरों को बकाए में मिलेगा छूट का लाभ, विवादित प्लॉट के मामले में लाभ दिलाने की तैयारी

Tue, 29 May 2018 10:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
विज्ञापन

बिल्डरों को बकाया खाते को सुधार कर छूट का लाभ मिलेगा। हालांकि यह लाभ केवल उन बिल्डरों को मिलेगा जिन्हें विवादित प्लॉट मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा था। मंत्री समूह की संस्तुति के बाद अब कैबिनेट से मुहर लगने का इंतजार है।

विज्ञापन


मुहर लगते ही बिल्डरों को लाभ मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद बिल्डर बकाया राशि जमा कर कंप्लीशन सर्टिफिकेट ले सकेेंगे। जिसका फायदा खरीदारों को मिलेगा।

दरअसल, नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों को प्लॉट की कुल कीमत की 10 प्रतिशत राशि लेकर जमीनें दी थीं। योजना के मुताबिक बाकी बची 90 प्रतिशत राशि को किस्तों में अदा करनी था। लेकिन अधिकांश बिल्डरों ने प्राधिकरणों का पैसा नहीं चुकाया। कुछ ने एनजीटी के काम पर रोक लगने की वजह से जीरो पीरियड की मांग की थी। इसमें 18 बिल्डरों को जीरो पीरियड का लाभ भी मिला।
विज्ञापन


वहीं नोएडा एक्सटेंशन के कई बिल्डरों ने प्लॉट विवादित होने और मामला कोर्ट में होने की वजह से दो से ढाई साल तक काम बंद रहने का तर्क दिया था। इस वजह से प्रोजेक्ट में देरी हुई। ऐसे बिल्डरों ने इस दौरान के ब्याज में छूट की मांग की थी। यही नहीं पूरा खाता सुधारकर फिर से कुल बकाया राशि सुनिश्चित करने को भी कहा था।

हालांकि कई बिल्डर ऐसे थे, जिनका पूरा प्लॉट विवादित नहीं था बल्कि कुछ हिस्सा विवादित था। ऐसे बिल्डरों को भी प्राधिकरण की ओर से छूट का लाभ नहीं दिया जा रहा था। बिल्डरों ने गठित मंत्री समूह के सामने छूट की मांग की थी। बताया जा रहा है कि ऐसे बिल्डरों को भी छूट का लाभ दिलाने के लिए मंत्री समूह ने शासन को संस्तुति भेजी है, जिनके प्लॉट के कुछ अंश भी विवादित रहे हैं।

मंत्री समूह की ओर से विवादित प्लॉट के मामले में बिल्डरों को छूट दिलाने की संस्तुति शासन को भेजी गई है। कैबिनेट से मुहर लगते ही उनको छूट का लाभ मिल जाएगा। इसके बाद खरीदारों को उनके आशियाने का सपना साकार हो पाएगा। - आलोक टंडन, सीईओ, नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

मामला विवादित होने की वजह से पूरे नोएडा एक्सटेंशन सहित नोएडा के कुछ प्रोजेक्ट का काम करीब दो से ढाई साल तक बंद रहा। इस समय का ब्याज भी प्राधिकरणों ने जोड़ लिया। यही नहीं और भी कई ब्याज राशि खाते में जोड़ी गई। इससे बकाए की राशि ज्यादा हो गई। हमारी मांग है कि इसे सुधारा जाए ताकि हम बकाया चुका सकें।- अमित मोदी, वाइस प्रेसिडेंट, क्रेडाई पश्चिमी यूपी
विज्ञापन


फैक्ट फाइल गौतमबुद्ध नगर:
- कुल प्रस्तावित फ्लैट: 5 लाख
- कंप्लीशन मिला: 1.5 लाख
- पजेशन मिला: करीब 1लाख

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें