शहर के सेक्टर-18 में डिस्कोथेक और बार चलाने वाले पूर्व महामंडलेश्वर और बिल्डर बाबा के नाम से चर्चित सचिन दत्ता के खिलाफ अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में सेक्टर-58 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
महामंडलेश्वर बनने के दौरान सच्चिदानंद महाराज ने श्री बालाजी कंस्ट्रक्शन नाम की रियल एस्टेट कंपनी से अपना कोई भी लेनदेन होने से इंकार किया था, जबकि अब इंदिरापुरम अहिंसा खंड-2 में बालाजी रेजीडेंसी के छह लोगों ने उनके फ्लैट पर बिना उनकी जानकारी के लोन लेने की शिकायत की है।
एसएसपी किरण.एस के निर्देश पर सचिन दत्ता के अलावा पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के चेयरमैन समेत कुल 9 पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
एक ही प्रॉपर्टी पर दो बार एक ही बायर के नाम से लोन
क्राइम ब्रांच को सितंबर में अहिंसा खंड-2 इंदिरापुरम की श्री बालाजी रेजीडेंसी में फ्लैट के खरीदारों ने शिकायत की थी। खरीदारों का कहना था कि उनकी जानकारी के बिना फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस से लाखों रुपये का लोन ले लिया गया।
फ्लैट लेते समय बैंक लोन की कार्रवाई बिल्डर की तरफ से की गई थी। लिहाजा बिल्डर के पास बायर्स के सभी दस्तावेज मौजूद थे। इन पांच बायर्स में से चार के नाम में बदलाव कर दिया गया, जबकि विवेक दुआ बायर के उसी नाम से फिर फ्लैट पर लोन ले लिया गया।
इस तरह से एक ही प्रॉपर्टी पर दो बार एक ही बायर के नाम से लोन कर दिया गया, जबकि इन पांच बायर्स के अलावा अजय अरोड़ा नाम के एक बायर जो 2010 में फ्लैट बेच चुके हैं, उन्हें अब पता चला है कि उनके नाम और कागजात का गलत इस्तेमाल करके एक अन्य फ्लैट का बिल्डर की तरफ लोन करवा लिया गया।
बिल्डर की तरफ से अखिलेश चौहान नाम से फर्जी लोन
उसी फ्लैट का बिल्डर की तरफ से अखिलेश चौहान नाम से फर्जी लोन करवाया है। फ्लैट के असली मालिक अनुराग गोयल हैं। फर्जीवाड़े का असली फ्लैट मालिकों को तब पता चला, जब पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड सेक्टर-18 से दो कर्मचारी श्री बालाजी रेजीडेंसी पहुंचे।
उन्होंने फ्लैट मालिकों को बताया कि उनके फ्लैट बिल्डर की तरफ से उनके यहां गिरवी रखे हैं। पहले बिल्डर खुद इन लोन पर ईएमआई भर रहा था। लेकिन अब बिल्डर ने इनकी किश्त भरनी बंद कर दी है।
एसपी क्राइम के मुताबिक आरोप सही पाए जाने पर पूरी रिपोर्ट एसएसपी को दी गई थी। उनके निर्देश पर सेक्टर-58 थाने में श्री बालाजी कंस्ट्रक्शन के मालिक और पूर्व महामंडलेश्वर रहे सचिन दत्ता, उसके सहयोगी, पीएनबी हाउसिंग लिमिटेड के चेयरमैन, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड सेक्टर-18 में कार्यरत कर्मचारी व समीर, अखिलेश चौहान, गुरलीन कौर और किशोर कपूर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
1.38 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
प्रशांत श्रीवास्तव, विवेक दुआ, अनुराग गोयल, राजबीर समाधिया, डिम्पी शर्मा, सुनील यादव, लीला यादव के साथ सचिन दत्ता पर 1.38 करोड़ का फर्जीवाड़े का आरोप है। इन्हीं लोगों की शिकायत पर सेक्टर-58 थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस सचिन दत्ता समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास पुलिस कर रही है।
इलाहाबाद पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने 31 जुलाई को सचिन दत्ता उर्फ सच्चिदानंद गिरि को महामंडलेश्वर बनाया। सचिन दत्ता शहर के सबसे पॉश मार्केट सेक्टर-18 में मॉल सीएसएम (सेंटर स्टेज मॉल) की पांचवीं मंजिल पर कई वर्षों तक क्वांटम नामक बार एंड डिस्कोथेक चलाता रहा है।
उसके बाद महामंडलेश्वर बनते ही अन्य अखाड़ा परिषदों व लोगों ने विरोध दर्ज कराया जिसके बाद उसे 6 अगस्त को महामंडलेश्वर पद से हटा दिया गया। इतना ही नहीं, सचिन दत्ता ने कुछ माह पूर्व बिसरख थाने में हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जहां पुलिस की जांच में यह मामला फर्जी पाया गया था। सचिन सेक्टर-41 में रहता है और कोठी बिजली चोरी का भी आरोप लग चुका है।