फसल बीमा योजना लागू करने के बाद से ही संकेत मिल रहे थे कि इस बार बजट में किसानों के लिए खास प्रावधान होंगे।
सोमवार को वित्त मंत्री के आम बजट को देखने के लिए किसानों में खूब उत्सुकता दिखाई दी। बजट पर अधिकांश किसानों ने संतोष व्यक्त कर इसे घरातलीय बजट का उपनाम भी दिया।
यूपीए सरकार ने वर्ष 2014-15 में कृषि क्षेत्र को 32 हजार करोड़ का आवंटन किया गया। पिछले वर्ष भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 2015-16 में से घटाकर 25 हजार करोड़ कर दिया।
लेकिन, इस बार बजट 2016-17 में कृषि क्षेत्र के लिये 36 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की गई। जिससे सरकार किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद जता रही है।
इसी तरह फसल बीमा योजना के लिए जो 5500 करोड़ का आवंटन किया गया है, उसका भी किसानों ने खुलकर स्वागत किया। गत वर्ष खराब मौसम के कारण किसानों की सैंकड़ों एकड़ फसल खराब हो गई थी।
किसानों को उम्मीद है कि फसल बीमा करा वे मौसम की मार से बच सकेंगे। ग्राम पंचायतों को 2.87 लाख करोड़ रुपए की मदद पर और सफाई पर जोर का भी ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया है। हालांकि, किसान आय आयोग का गठन पर किसानों में नाराजगी है।
किसानों को उम्मीद थी कि जिस तरह से सर्वे और रिपोर्ट से लगातार आंकडा आ रहा है कि 83 प्रतिशत किसानों की आय माइनस में जा रही है। इसके लिए आवश्यक था कि किसान आय आयोग का गठन जाता। लेकिन बजट में आयोग की चर्चा न होना किसानों में मायूसी की बात रही।