शहरों को प्रदूषण मुक्त करने दिशा में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन इसमें सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि ई-वाहन डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की तुलना में काफी महंगे होते हैं।
अब ई-वाहनों को सस्ता करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस बार के बजट में लिथियम आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण खनिज कोबाल्ट और लिथियम से पूरी तरह से सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) हटाने की बात कही गई है।
इससे दोपहिया, चारपहिया समेत सभी ई-वाहनों की कीमतों में कमी आएगी। दरअसल, प्रमुख रूप से दो तरह की बैटरी बनाई जाती हैं। एक लैड एसिड व दूसरी लिथियम आयन बैटरी। ई-वाहनों में लिथियम आयन बैटरी का ही इस्तेमाल होता है। यह लैड एसिड बैटरी की तुलना में अधिक टिकाऊ होती है।
साथ ही, सुरक्षा के लिए भी अच्छी होती है। इसे बनाने में प्रमुख रूप से कोबाल्ट और लिथियम को उपयोग किया जाता है। यह दोनों खनिज देश में नहीं पाए जाते हैं। ऐसे में इसे विदेश से मांगना पड़ता है।