वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पेश किए गए बजट में रियल एस्टेट सेक्टर को सीधे तौर पर कोई भी फायदा नहीं मिला, हालांकि आम जनता को वार्षिक कमाई पर कर से मिली थोड़ी राहत से सेक्टर की उम्मीदें जगी हैं। डेवलपर्स का मानना है कि मध्यम वर्ग को कर में राहत देने से हाथ में पैसा बचेगा, वह घर के सपने को पूरा करने में मदद करेगा। इससे सेक्टर को गति मिलेगी। ओवरऑल बजट सकारात्मक रहा।
क्रेडाई एनसीआर के अध्यक्ष और गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ कहते हैं कि ओवरऑल बजट काफी अच्छा है। बजट में आम जनता के हितों को ध्यान में रखा गया है। जब आम जनता के पास बचत के पैसे होंगे तभी वह मकान खरीदने के बारे में सोच सकेगा। हालांकि रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सीधे तौर पर बजट में कोई फायदा नहीं मिला। इसी तरह से क्रेडाई पश्चिमी यूपी के उपाध्यक्ष सुरेश गर्ग कहते हैं कि व्यक्तिगत के लिए कर में छूट मिली है। बुनियादी ढांचे के विकास पर किए जाने वाले खर्च से रियल एस्टेट सेक्टर को भी खड़ा होने में मदद मिलेगी। आम आदमी के कर में छूट से पैसा आएगा उसी से निवेश की उम्मीद है।
कम बजट के पक्के मकानों को भी मिलेगी छूट
बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 69 हजार करोड़ रुपए का फंड दिया गया, जो जिले में पक्के मकानों के निर्माण में मदद करेगा। यह व्यक्तिगत तौर पर उनके लिए फायदे का सौदा होगा, जो पैसे की कमी से अपना घर नहीं बना पा रहे हैं। इस पैसे से उनको सब्सिडी सहित छूट मिल पाएगी।
कैपिटल गेन में छूट से होगा फायदा
अगर कोई व्यक्ति 10 करोड़ तक का पुराना मकान बेचकर दूसरा निवेश करता है तो उसको कैपिटल गेन के अंतर्गत छूट मिलेगी। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को फायदा होगा। इससे हाउसिंग की मांग बढ़ेगी।
बुनियादी ढांचे के विकास से छोटे शहरों में बढ़ेगा रियल एस्टेट कारोबार
बजट में बुनियादी ढांचे के विकास पर 10 लाख करोड़ खर्च करने की घोषणा की गई है। इसका फायदा टियर-दो और टियर-तीन जैसे छोटे शहरों को मिलेगा। इस पैसे से शहरी विकास होगा, जो कहीं न कहीं रियल एस्टेट सेक्टर को विकल्प प्रदान करेगा। छोटे शहरों में भी बड़ी-बड़ी इमारतें बनाई जाएंगी। इससे रियल एस्टेट सेक्टर परोक्ष रूप से उत्साहित है।
यह मांगें नहीं हुईं पूरी
- रियल एस्टेट सेक्टर को इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस देने और इंडस्ट्री का दर्जा मिले
- लोन सस्ता करने की मांग
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डेवलपर्स को कर में छूट
- जीएसटी में इनपुट क्रेडिट
- होमलोन पर ब्याज में कमी