फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अर्थव्यवस्था को रफ्तार, टैक्स के बोझ से राहत की उम्मीद, मोदी 2.0 के पहले बजट पर टिकी नजरें

Fri, 05 Jul 2019 03:45 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : PTI
विज्ञापन

आज पेश होने जा रहे बजट से लोगों को बहुत उम्मीदें हैं। लोकसभा चुनाव से पहले पेश हुए अंतरिम बजट के बाद शुक्रवार को पेश होने जा रहा पूर्णकालिक बजट भी मध्यम वर्ग और किसानों को राहत देने वाला होगा। जानकार इसकी वजह इस वर्ष में विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और अर्थव्यवस्था की सुस्ती को बता रहे हैं। मध्यम वर्ग को टैक्स के बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है तो उद्योगों और रोजगार को बढ़ाने के लिए भी घोषणाएं हो सकती हैं। शहर के लोग वित्त मंत्री से क्या-क्या उम्मीदें लगाए हुए हैं। पेश है रिपोर्ट...

विज्ञापन


मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला बजट है, जिसमें कई बड़ी चुनौतियां सरकार के सामने हैं। इन सबके बीच हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड के अलावा अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव की झलक बजट में देखने को मिल सकती है। बचत बढ़ोतरी और टैक्स में कटौती कर उपभोग को बढ़ावा देने की घोषणा भी की जा सकती है। -कुलमणि गुप्ता, चेयरमैन-आईआईए नोएडा चेप्टर

मिडिल क्लास हमारी अर्थव्यवस्था का वह हिस्सा है जिस पर सीमित इनकम और भारी टैक्स का बोझ है। हालांकि, अंतरिम बजट में कुछ राहत जरूर दी गई थी, लेकिन स्टार्ट अप और ऋण योजनाओं पर ध्यान देने की जरूरत है। इस बार बजट में गांव, खेती और किसान के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले फैसलों पर जोर रहने की संभावना है। - अतुल्य शर्मा, टैक्स एडवोकेट
विज्ञापन


वेतनभोगी लोगों को मिलने वाले सभी भत्ते और रियायतें अभी काफी कम हैं। उम्मीद है कि इस बार बजट में कुछ राहत मिले। बजट में आम लोगों को टैक्स से राहत मिलनी चाहिए, ताकि बजट के साथ खर्च भी बढ़ सके। टैक्स रिबेट के साथ टैक्स स्लैब में बदलाव होना जरूरी है, ताकि पांच लाख से अधिक की आय वालों को भी लाभ मिले। -रामावतार सिंह, कारोबारी

अंतरिम बजट में वेतन क्लास के लिए कई घोषणाएं हुईं थी। इस बार बजट में सरकार टैक्स का बोझ आम आदमी पर नहीं बढ़ाएगी, ऐसी उम्मीद है। बेरोजगारी से निपटने के लिए इस बार बजट में प्रावधान होने चाहिए। इसके अलावा अधूरे बिल्डर प्रोजेक्ट में फंसे खरीदारों को राहत देने के लिए भी सरकार को कदम उठाने की जरूरत है। -पुष्पकांत, नौकरीपेशा

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें