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मोदी सरकार के आखिरी बजट पर भड़के केजरीवाल, कहा-'दिल्ली को मिले 1112 करोड़ नाकाफी

Fri, 01 Feb 2019 08:50 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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 केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में दिल्ली को 1,112 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव संसद में किया । इसमें से करीब 300 करोड़ रुपये का खर्च चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर होगा। हालांकि, दिल्ली सरकार केंद्र के बजटीय आवंटन के प्रस्ताव को नाकाफी बता रही है। 
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे मोदी सरकार का आखिरी जुमला करार दिया है, जिससे दिल्ली को पूरी तरह निराशा हुई है। केंद्रीय करों में से दिल्ली की हिस्सेदारी बीते सालों की तुलना में 325 करोड़ रुपये ही बनी हुई है।       

केंद्रीय बजट में दिल्ली सरकार को 1112 करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव है। इसमें से 325 करोड़ रुपये केंद्रीय करों में हिस्सेदारी है। जबकि 300 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार के चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण पर खर्च होगा। 
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इससे दिल्ली में पेयजल की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा केंद्रीय सहायता के तौर पर दिल्ली को 472 करोड़ रुपये देने का बजटीय प्रावधान है। पिछले साल यह रकम 449.99 करोड़ रुपये थी।  

इसके अलावा केंद्र सरकार ने दिल्ली के आपदा प्रबंधन बजट दोगुना कर दिया है। वित्त वर्ष 2019-19 के 2.5 करोड़ रुपये आवंटन की तुलना में इस साल इसे पांच करोड़ रुपये आगामी वित्तीय वर्ष में इस मद में पांच करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है। वहीं, सिख दंगा पीड़ितों के लिए 10 करोड़ रुपये दिल्ली को दिया गया है।    
  
वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि जीका लोन की देयता की वजह से बजट बढ़ा दिख रहा है। इससे दिल्ली को आगामी वित्त वर्ष में 1112 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। केंद्र सरकार ने अलग से दिल्ली सरकार को अतिरिक्त आर्थिक मदद नहीं मिली है। 

वहीं, अरविंद केजरीवाल का कहना है कि केंद्रीय करों में दिल्ली की भागीदारी 325 करोड़ पर रोक दी गई है। दिल्ली के कहने के बाद भी इसे नहीं बढ़ाया गया। फिर, स्थानीय निकायों के लिए भी केंद्र ने कुछ नहीं दिया। दिल्ली को एक बार फिर अपने स्रोतों से संसाधन जुटाने पड़ेंगे।  
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दिल्ली का बजट बढ़ा, लेकिन नहीं बढ़ी केंद्रीय करों में हिस्सेदारी

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2000-2001 से दिल्ली सरकार को केंद्रीय करों में हिस्सा 325 करोड़ रुपये मिलता रहा है। जबकि इस बीच दिल्ली का बजट 8,739 करोड़ रुपये से बढ़कर 53,000 करोड़ रुपये हो गया है। 

दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार से केंद्रीय करों में दिल्ली के लिए 6,000 करोड़ रुपये का हिस्सा मांगा था। लेकिन केंद्र ने दिल्ली की मांग को खारिज कर दिया।      
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