फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटबंदी के बाद बजट से थी काफी उम्मीदें, जानें जीएसटी का कैसा पड़ा इन पर असर

Thu, 02 Feb 2017 12:21 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुरुग्राम
विज्ञापन
Budget 2017 - फोटो : getty
विज्ञापन
सेक्टर-48 में रहने वाले शिक्षाविद् यशपाल यादव के परिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली से बड़ी उम्मीद थी। नोटबंदी के बाद बजट से उम्मीदों की फेहरिस्त लंबी थी। 
विज्ञापन


आयकर की नई सीमा तय होने से उनके परिवार को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन उनके परिवार को जुलाई में आने वाली जीएसटी से खर्च बढने का आसार दिख रहा है। जीएसटी में सर्विस टैक्स बढने से खर्च में इजाफा होने के साथ उनकी बचत में कटौती होना तय मान रहे हैं।

 यशपाल यादव के परिवार में पांच सदस्य है। पति-पत्नी और दो बच्चों के अलाव एक पिता है। पूरे परिवार की मासिक आमदनी करीब 60 हजार रुपये है। दोनों बेटे गुरुग्राम के नोर्थकैप यूनिवर्सिटी में स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। बेटा आशीष मैथ तो विवेक अंग्रेजी से ऑनर्स कर रहा है। 
विज्ञापन


यादव परिवार का कहना है कि इस बजट में जो प्रावधान हैं उससे आयकर में बचत तो हो जाएगी, लेकिन सर्विस टैक्स और एक्साइज टैक्स बढने से कई प्रकार के खर्चे बढ़ जाएंगे। बचत पहले से काफी कम हो जाएगी।
 

आयकर रिवाइज होने से मिलेगी राहत

वित्तमंत्री अरुण जेटली - फोटो : PTI
यादव कहते हैं वित्तमंत्री ने आयकर स्लैब में बदलाव तो किया है। 10 लाख रुपये तक की आमदनी का आयकर रिवाइज होने से राहत मिलेगी। 

पहले 20 फीसदी टैक्स देने से 1,28,750 रुपये देने होते थे। अब 1,15,875 रुपये टैक्स में देने होंगे, जिससे 12,875 रुपये का लाभ मिलेगा, लेकिन साइबर सिटी जैसे महंगे शहर में गुजारा करना मुश्किल है। उत्पाद एवं सेवा कर के मौजूदा ढांचे में अधिक बदलाव नहीं हुआ है। जबकि इसकी उम्मीद थी। 

एलईडी बल्ब, मोबाइल फोन, चांदी के जेवरात पर उत्पाद शुल्क 06 से 09 फीसदी बढ़ा दिया गया। इसी तरह अन्य सामानों पर उत्पाद शुल्क बढने से सामान के दाम में इजाफा होगा, तो खर्च बढ़ जाएगा। 

यशपाल यादव की पत्नी रेखा कहती हैं कि कई बार शौकिया तौर पर घर से बाहर खाना खाने जाना होता है। अगर सर्विस टैक्स बढ़ जाने से यह अधिक भुगतान करना होगा। मनोरंजन का खर्च बढ़ जाएगा। ऐसे में मनोरंजन और दूसरी जगहों पर होने वाले खर्च में कटौती करना ही पड़ेगा। नहीं तो भविष्य के लिए बचत होना मुश्किल हो जाएगा। 
 
विज्ञापन

महिलाओं के लिए बजट में कुछ खास नहीं

बजट 2017-18
महिलाओं के लिए इस बजट में कुछ खास नहीं मिला है। वरिष्ठ नागरिकों को भी इस बजट में ऐसा कुछ नहीं मिला है जिससे वो खुश हो सकें। एलपीजी और पीएनजी के दामों में कमी की जाने की उम्मीद थी, लेकिन वित्त मंत्री ने इसके लिए भी कोई खास घोषणाएं नहीं की हैं। 

2016    प्रतिशत    मद        प्रतिशत    2017
11000    18.33    खान-पान    20.84    12500    
12000    20.00    शिक्षा        23.33    14000
8000    13.33    बीमा        15.00    9000
4000    06.66    मनोरंजन    05.83    3500
2500    04.66    मोबाइल खर्च    03.33    2000
7000    11.67    परिवहन    13.33    8000
2800    04.66    मेडिकल    05.00    3000
3500    05.83    होटल         04.17    2500
3000    05.00    अन्य        05.83    3500
6200    10.33    बचत        03.34    2000  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें