तिहाड़ जेल से सोमवार सुबह हरियाणा की एक अदालत में पेशी के लिए जा रहा हत्यारोपी दीपक डबास (23) पुलिस की हिरासत से भाग गया। तीसरी बटालियन के पुलिसकर्मी उसे टेंपो पर बिठाकर ले जा रहे थे।
बवाना गांव पहुंचते ही बदमाश सिपाही को चकमा देकर टेंपो से छलांग लगाकर फरार हो गया। हालांकि सिपाही ने भी उसका पीछा किया लेकिन बदमाश भागने में कामयाब हो गया। पुलिसकर्मियों की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है।
दीपक को कंझावला थाना पुलिस ने गत 29 फरवरी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसके एक सहयोगी को गोली लग गई थी। दीपक पर दिल्ली और हरियाणा में लूटपाट, हत्या, अपहरण एवं आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार सोमवार सुबह लूटपाट के एक मामले में दीपक को हरियाणा के खरखौदा स्थित एक अदालत में पेश करना था।
एक सिपाही दीपक के साथ बैठा था
तीसरी बटालियन के दो सिपाही व एक हवलदार उसे टेंपो से खरखौदा के लिए रवाना हुए। टेंपो एक सिपाही चला रहा था। जबकि उसके साथ हवलदार अगली सीट पर बैठा। वहीं एक सिपाही दीपक के साथ बैठा था। बवाना गांव मेन मार्केट में ट्रैफिक होने की वजह से टेंपो की गति धीमी थी। इसी दौरान दीपक ने हथकड़ी खोलकर भागने की कोशिश की।
उसके साथ मौजूद सिपाही ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन दीपक ने उसके साथ हाथापाई शुरू कर दी और टेंपो से नीचे छलांग लगा दी। सिपाही भी शोर मचाते हुए उसके पीछे भागा।
लेकिन दीपक गलियों में घुसकर गायब हो गया। पुलिसकर्मियों ने 100 नंबर पर फोन कर घटना की जानकारी पुलिस को दी। बवाना थाना पुलिस ने उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही दीपक की इलाके में तलाश कर रही है।
सुरक्षा में हुई चूक, पुलिसकर्मियों की हो सकती है गिरफ्तारी
यूपी पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन की ओर से दीपक को पेशी पर ले जाने के दौरान सुरक्षा में चूक हुई है। हत्यारोपी को खुले टेंपो में ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि उसे हथकड़ी भी लगी थी। लेकिन भागने के दौरान वह हथकड़ी खोलकर फरार हो गया।
घटना के बाद बवाना थाना पुलिस ने उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे भागने में किसी पुलिसकर्मी का हाथ तो नहीं है।
आखिर आरोपी अपनी हथकड़ी को खोलने में कैसे कामयाब हो गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसमें अगर पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है।