21 मार्च को पीड़ित महिला ने दुष्कर्म की दर्ज कराई थी रिपोर्ट
जिला पुलिस उपायुक्त समीर शर्मा ने बताया कि सुल्तानपुरी इलाके में रहने वाली एक महिला ने 21 मार्च को थाने में दुष्कर्म की शिकायत की थी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसका बहनोई है। पिछले साल दिसंबर माह में आरोपी उसके घर आया। उसने पति और बच्चे पर तेजाब डालने की धमकी दी और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने इसका वीडियो भी बना लिया और पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगा। परेशान होकर पीड़िता ने सुल्तापुरी थाने में इसकी शिकायत की।
2005 में पीड़िता की कानपुर में हुई थी जान पहचान, दिया था ये जख्म
जांच में पीड़िता ने बताया कि आरोपी से उसकी जान पहचान 2005 में कानपुर में हुई थी। आरोपी पीड़िता को तंग करता था। विरोध करने पर उसने पीड़िता पर तेजाब डाल दिया। इसकी शिकायत कानपुर के करनाल थाने में दर्ज है। अदालत ने इस मामले में आरोपी को सात साल की सजा सुनाई। जेल में रहने के दौरान पीड़िता की शादी हो गई और वह अपने पति के साथ दिल्ली आकर रहने लगी। सजा पूरी करने के बाद दोषी जेल से निकलने के बाद पीड़िता की तलाश करने लगा। पीड़िता का पता लगाने के बाद 13 दिसंबर को वह पीड़िता के सुल्तानपुरी स्थित घर पहुंचा और घटना को अंजाम दिया। उसके बाद से वह अक्सर उसे तंग करने लगा।
तकनीकी जांच में पुलिस को आरोपी के ठिकाने का मिला सुराग
जिले की स्पेशल स्टाफ ने अजमेर सिंह के नेतृत्व में आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने पंजाबी बाग और आरोपी के अन्य ठिकानों के साथ साथ कानपुर स्थित उसके घर पर दबिश दी, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को तकनीकी जांच से पता चला कि आरोपी कर्नाटक के बेंगलुरु में मौजूद है। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर तीन दिनों तक उसकी तलाश करती रही और रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।