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शर्मनाकः फुफेरे भाइयों ने लूटी बहन की अस्मत

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दिल्ली के विजय विहार में 15 वर्षीय छात्रा ने अपने फुफेरे भाइयों पर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस मामले को संदिग्ध बता रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
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पुलिस के अनुसार, पीड़िता सपना (परिवर्तित नाम) विजय विहार में रहती है। वह पास के सरकारी स्कूल में 11वीं में पढ़ती है। पीड़िता के मुताबिक कुछ माह पहले आशीष उर्फ गुड्डू (19) और दूसरे भाई ने उससे गैंगरेप किया। इस दौरान वीडियो भी बना ली। पीड़िता को ब्लैकमेल कर दोनों लगातार वारदात को अंजाम देने लगे। मंगलवार को पीड़िता ने सारी बात मां को बताई। बुधवार को परिवार सपना को लेकर विजय विहार थाने पहुंचा।
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बचाव पक्ष के कई सवालों ने पीड़िता को किया परेशान

उबर कैब रेप केस मामले में हाईकोर्ट की अनुमति के बाद बृहस्पतिवार को अभियोजन के गवाहों से दोबारा जिरह शुरु हो गयी। बचाव पक्ष ने दुष्कर्म पीड़िता से बृहस्पतिवार को जिरह की। आरोपी के कई सवालों ने पीड़िता को परेशान कर दिया। पीड़िता ने यहां तक कह दिया कि उसे बेकार सवाल पूछ कर उसे परेशान किया जा रहा है।

तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष बचाव पक्ष के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने दुष्कर्म की पीड़िता से जिरह की। बंद कोर्ट रूम में बचाव पक्ष ने पीड़िता से जिरह की। अधिवक्ता मिश्रा ने करीब डेढ़ घंटे की बहस के दौरान पीड़िता से वारदात के दिन सुबह से लेकर इंद्रलोक पहुंचने से जुड़े सवाल पूछे। सूत्रों के मुताबिक बचाव पक्ष ने जिरह के दौरान करीब पचास सवाल पीड़िता से पूछे। कई सवालों से पीड़िता परेशान हो गयी। उसने कहा कि उसके केस की सुनवाई लंबी खिंच रही है इससे उसे परेशानी हो रही है।

विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने अधिवक्ता मिश्रा से पूछा कि वह अपनी जिरह कितने समय में पूरी कर लेंगे। इसके जवाब में अधिवक्ता मिश्रा ने कहा कि वह नहीं बता सकते जिरह कितनी लंबी चलेगी।

पुलिस के मुताबिक उबर कैब चालक शिव कुमार यादव ने पांच दिसंबर 2014 की रात विदेशी कंपनी में कार्यरत पीड़िता से इंद्रलोक इलाके में दुष्कर्म को अंजाम दिया। पुलिस ने 19 दिनों में जांच पूरी कर 24 दिसंबर को चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने चार्जशीट में 45 गवाहों के नाम दिये थे लेकिन इनमें से केवल 28 गवाहों के बयान अभियोजन ने कोर्ट में दर्ज करवाये।

पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान के बाद विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शिव कुमार यादव के खिलाफ अपहरण, जान खतरे में डालकर दुष्कर्म, मारपीट व धमकी देने संबंधी धाराओं में आरोप तय किये थे। अदालत ने 17 दिनों में 28 गवाहों की गवाही व उनके जिरह पूरी करवा दी थी।
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